सऊदी अरब और जापान ने शुक्रवार को रियाद में अपने रणनीतिक ऊर्जा गठबंधन को और गहरा किया जब सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान और जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्री (METI) मुतो योजी ने सऊदी-जापान मंत्रिस्तरीय ऊर्जा संवाद और निवेश गोलमेज सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की। इस उच्च स्तरीय बैठक में पारंपरिक कच्चे तेल के व्यापार को स्वच्छ हाइड्रोजन, कम कार्बन वाले अमोनिया और महत्वपूर्ण खनिजों तक फैली व्यापक साझेदारी में बदलने के लिए कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए गए।

प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के मंत्रिमंडल में नियुक्ति के बाद मुतो योजी की पहली विदेश राजनयिक यात्रा के दौरान हुई इस वार्ता में दोनों मंत्रियों ने पुष्टि की कि वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की रक्षा के लिए विश्वसनीय हाइड्रोकार्बन आपूर्ति और व्यावहारिक डीकार्बोनाइजेशन पथों को एक साथ आगे बढ़ना चाहिए। सऊदी अरब जापान का सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता बना हुआ है, जो जापान के पेट्रोलियम आयात का लगभग 40% प्रदान करता है।

स्वच्छ हाइड्रोजन, कम कार्बन वाले अमोनिया और सर्कुलर कार्बन का व्यावसायीकरण

नए स्वच्छ ऊर्जा समझौतों के तहत, सऊदी अरामको, सबिक (SABIC) और एक्वा पावर जापानी बिजली कंपनियों और जेरा (JERA), मित्सुबिशी, मित्सुई तथा आईएचआई (IHI) जैसी प्रमुख इंजीनियरिंग फर्मों के साथ तकनीकी और व्यावसायिक सहयोग का विस्तार करेंगे। ये पहलें जापानी ताप विद्युत संयंत्रों में उपयोग के लिए ब्लू और ग्रीन अमोनिया के अंतरराष्ट्रीय समुद्री शिपमेंट को बढ़ाने के साथ-साथ कार्बन कैप्चर (CCUS) और सिंथेटिक ई-ईंधन के विकास पर केंद्रित हैं।

रियाद समझौतों का दूसरा स्तंभ महत्वपूर्ण खनिजों और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन पर केंद्रित है। सऊदी अरब के उद्योग और खनिज संसाधन मंत्रालय तथा सरकारी खनन कंपनी मादेन (Ma'aden) के साथ काम करते हुए, जापानी सरकारी एजेंसी JOGMEC और निजी औद्योगिक समूह तांबा, निकल, लिथियम और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों के संयुक्त अन्वेषण और शोधन उद्यमों का मूल्यांकन करेंगे।

“सऊदी अरब और जापान अपने दशकों पुराने भरोसेमंद ऊर्जा साझेदारी को स्वच्छ हाइड्रोजन, कम कार्बन वाले अमोनिया और लचीली महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं के नए मोर्चे तक विस्तारित कर रहे हैं।” — अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्रालय, जापान (METI)

सऊदी-जापान विजन 2030 के तहत महत्वपूर्ण खनिज आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करना

मंत्रिस्तरीय समझौते 'स्वच्छ ऊर्जा सहयोग के लिए लाइटहाउस पहल' और व्यापक सऊदी-जापान विजन 2030 ढांचे को आगे बढ़ाते हैं, जो सऊदी अरब के आर्थिक विविधीकरण अभियान को टोक्यो की ग्रीन ट्रांसफॉर्मेशन (GX) औद्योगिक रणनीति से जोड़ता है। जापानी वित्तीय संस्थानों और निर्माताओं ने सौर ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज और जल विलवणीकरण को कवर करने वाले कॉर्पोरेट समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए।

दोनों प्रतिनिधिमंडलों ने जोर दिया कि मध्य पूर्वी उत्पादकों और एशियाई औद्योगिक खरीदारों के बीच दीर्घकालिक खरीद अनुबंधों को खोलने के लिए कम कार्बन वाले हाइड्रोजन और अमोनिया के लिए पारदर्शी अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन मानक स्थापित करना महत्वपूर्ण होगा। रियाद बैठक आगामी G20 और COP29 जलवायु चर्चाओं से पहले संयुक्त कार्य समूहों को गति देने की प्रतिबद्धता के साथ संपन्न हुई।

Frequently Asked Questions

सऊदी अरब और जापान ने रियाद में किन समझौतों पर हस्ताक्षर किए?

सऊदी अरब और जापान ने व्यावसायिक स्वच्छ हाइड्रोजन और कम कार्बन वाले अमोनिया की आपूर्ति श्रृंखला बनाने, सर्कुलर कार्बन प्रौद्योगिकियों को आगे बढ़ाने और महत्वपूर्ण खनिजों के खनन व शोधन में सह-निवेश करने के समझौतों पर हस्ताक्षर किए।

रियाद में सऊदी-जापान मंत्रिस्तरीय ऊर्जा वार्ता का नेतृत्व किसने किया?

इस वार्ता की सह-अध्यक्षता सऊदी ऊर्जा मंत्री प्रिंस अब्दुलअजीज बिन सलमान और जापान के अर्थव्यवस्था, व्यापार और उद्योग मंत्री (METI) मुतो योजी ने की।

Sources