दक्षिणी लेबनान के तटीय शहर नाकौरा में गुरुवार सुबह संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल (यूनिफिल) के मुख्यालय में स्थित एक निगरानी वॉचटावर पर इजरायली सेना के मर्कवा टैंक द्वारा सीधे गोला दागे जाने से इंडोनेशिया के दो शांति सैनिक घायल हो गए।
यूनिफिल के आधिकारिक बयान के अनुसार, टैंक का गोला सीधे टावर से टकराया जिससे दोनों शांति सैनिक नीचे गिर पड़े; उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।
नाकौरा मुख्यालय के निगरानी टावर पर टैंक से सीधा प्रहार
शांति मिशन ने बताया कि इससे पहले लब्बूनेह में उस बंकर के प्रवेश द्वार पर भी गोलीबारी की गई थी जहां इतालवी शांति सैनिक शरण लिए हुए थे, जिससे संयुक्त राष्ट्र के वाहनों और संचार उपकरणों को भारी नुकसान पहुंचा।
मिशन ने जोर देकर कहा कि संयुक्त राष्ट्र के स्पष्ट रूप से चिह्नित ठिकानों और सुरक्षा कैमरों को जानबूझकर निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का गंभीर उल्लंघन है।
“Any deliberate attack on peacekeepers is a grave violation of international humanitarian law and UN Security Council Resolution 1701.” — United Nations Interim Force in Lebanon (UNIFIL) Statement
शांति सेना भेजने वाले देशों में भारी कूटनीतिक आक्रोश
इस घटना के बाद शांति सेना में योगदान देने वाले प्रमुख देशों में तीव्र आक्रोश फैल गया और इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो ने रोम में इजरायली राजदूत को तलब कर स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र सैनिकों पर हमला पूरी तरह अस्वीकार्य है।
फ्रांस, स्पेन और इंडोनेशिया की सरकारों ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ मिलकर दक्षिणी लेबनान की ब्लू लाइन पर तैनात 10,000 शांति सैनिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
Frequently Asked Questions
नाकौरा स्थित यूनिफिल मुख्यालय में क्या घटना घटी?
एक इजरायली मर्कवा टैंक ने यूनिफिल के निगरानी टावर पर सीधा गोला दागा, जिससे दो इंडोनेशियाई शांति सैनिक गिरकर घायल हो गए।
यूनिफिल पर हमले पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने क्या प्रतिक्रिया दी?
इटली ने इजरायली राजदूत को तलब किया, जबकि फ्रांस, स्पेन और इंडोनेशिया ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए निंदा की।





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