संयुक्त राज्य अमेरिका, फ्रांस और दस प्रमुख साझेदार देशों ने 24 सितंबर, 2026 को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 79वें सत्र के इतर एक आपातकालीन संयुक्त प्रस्ताव पेश किया, जिसमें इजरायल और लेबनान सीमा पर 21 दिनों के तत्काल अस्थायी युद्धविराम का आह्वान किया गया है। इसका उद्देश्य भीषण हवाई हमलों को रोकना और इजरायल के संभावित जमीनी आक्रमण को टालना है।

इस संयुक्त घोषणापत्र पर अमेरिका, फ्रांस, यूरोपीय संघ, जर्मनी, इटली, जापान, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और कतर ने हस्ताक्षर किए हैं। इसमें दोनों पक्षों से आग्रह किया गया है कि वे यूएन द्वारा निर्धारित 'ब्लू लाइन' पर तीन सप्ताह के लिए सैन्य कार्रवाई रोक दें।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में गहन बहुपक्षीय कूटनीति

हाल के दिनों में लेबनान के दक्षिणी हिस्सों, बेका घाटी और बेरूत में इजरायली हमलों में 600 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और एक लाख से अधिक लोग बेघर हुए हैं। वहीं हिजबुल्लाह ने भी हाइफा और तेल अवीव की ओर मिसाइलें दागकर सीमा पार हमलों को तेज कर दिया है।

मध्यस्थों की योजना इस 21 दिनों के विराम का उपयोग संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए करने की है, जिसके तहत दक्षिणी लेबनान में केवल लेबनानी सेना और यूएन शांति सैनिकों (UNIFIL) की मौजूदगी का प्रावधान है और हिजबुल्लाह को लितानी नदी के उत्तर में रहना आवश्यक है।

“8 अक्टूबर से लेबनान और इजरायल के बीच की स्थिति असहनीय हो चुकी है और व्यापक क्षेत्रीय फैलाव का अस्वीकार्य जोखिम पैदा करती है। हम कूटनीति की सफलता के लिए तत्काल 21 दिनों के युद्धविराम का आह्वान करते हैं।”

प्रस्ताव 1701 की बहाली और व्यापक क्षेत्रीय युद्ध को टालने का प्रयास

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने पुष्टि की है कि उनके सुरक्षा दल इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री नजीब मिकाती के साथ लगातार संपर्क में हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रस्ताव स्वीकार हो जाता है तो यह मध्य पूर्व में एक विनाशकारी पूर्ण युद्ध को टालने का सबसे बड़ा अवसर होगा, हालांकि अंतिम सफलता दोनों पक्षों की राजनीतिक इच्छाशक्ति पर निर्भर करेगी।

Sources