स्पेन के विदेश, यूरोपीय संघ और सहयोग मंत्रालय ने 24 सितंबर 2026 को आधिकारिक घोषणा की कि स्पेन सरकार मेक्सिको की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति क्लॉडिया शिनबाम के आगामी शपथ ग्रहण समारोह का पूर्ण बहिष्कार करेगी। एक सख्त राजनयिक बयान जारी करते हुए मैड्रिड ने स्पष्ट किया कि मेक्सिको द्वारा स्पेन के राष्ट्राध्यक्ष किंग फेलिप षष्ठम को जानबूझकर आमंत्रित न किए जाने के विरोध में कोई भी स्पेनिश सरकारी प्रतिनिधि मेक्सिको सिटी में आयोजित समारोह में भाग नहीं लेगा।
यह कूटनीतिक विवाद तब गहरा गया जब क्लॉडिया शिनबाम ने एक सार्वजनिक बयान में पुष्टि की कि निमंत्रण केवल स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज को भेजा गया था और किंग फेलिप को जानबूझकर छोड़ दिया गया। शिनबाम ने तर्क दिया कि निवर्तमान राष्ट्रपति आंद्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर ने 2019 में स्पेनिश राजघराने को पत्र लिखकर 16वीं सदी की स्पेनिश विजय के दौरान मूल निवासियों पर हुए अत्याचारों के लिए औपचारिक माफी की मांग की थी, जिसका स्पेन ने कोई जवाब नहीं दिया था।
औपनिवेशिक माफी का विवाद और स्पेनिश राजघराने की उपेक्षा
मैड्रिड ने मेक्सिको के इस कदम को स्पेनिश संवैधानिक व्यवस्था और राजमुकुट का सीधा अपमान करार दिया। स्पेन के संविधान के तहत राजा अंतरराष्ट्रीय संबंधों में देश का सर्वोच्च प्रतिनिधित्व करते हैं, विशेषकर इबेरो-अमेरिकी देशों के समूह में। स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने एक असाधारण प्रेस वार्ता में सम्राट के प्रति पूर्ण एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि किंग फेलिप दशकों से लातिन अमेरिकी देशों के शपथ ग्रहण समारोहों में स्पेन का प्रतिनिधित्व करते रहे हैं और मेक्सिको का यह फैसला पूरी तरह से समझ से परे है।
यह तनाव लोपेज ओब्रेडोर के छह साल के कार्यकाल के दौरान दोनों देशों के बीच लगातार बढ़े विवादों की परिणति है, जिन्होंने 2022 में दोनों देशों के रिश्तों में 'पॉज' लगाने की बात कही थी और स्पेनिश कंपनियों पर नव-औपनिवेशिक शोषण के आरोप लगाए थे। राजनीतिक तल्खी के बावजूद दोनों देशों के आर्थिक रिश्ते बेहद मजबूत हैं; स्पेन मेक्सिको में दूसरा सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेशक है, जिसमें बीबीवीए, सेंटेंडर और इबरड्रोला जैसी विशाल कंपनियां शामिल हैं।
“स्पेन सरकार शपथ ग्रहण समारोह से महामहिम किंग फेलिप षष्ठम को बाहर रखे जाने को पूरी तरह अस्वीकार्य मानती है, और इसी कारण स्पेन किसी भी आधिकारिक स्तर पर इसमें भाग नहीं लेगा।”
मैड्रिड का कड़ा कूटनीतिक जवाब और द्विपक्षीय संबंधों का भविष्य
स्पेन के घरेलू राजनीतिक मंच पर सरकार के बहिष्कार के फैसले को विपक्षी दलों पीपल्स पार्टी और वॉक्स का भी खुला समर्थन मिला, जिन्होंने राष्ट्रीय स्वाभिमान की रक्षा के लिए सरकार के रुख की सराहना की। वहीं मेक्सिको में शिनबाम के इस कड़े रुख का उनकी सत्तारूढ़ पार्टी मोरेना के समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया और इसे 1 अक्टूबर को सत्ता संभालने से पहले संप्रभुता और ऐतिहासिक आत्मसम्मान की जीत बताया।
हालांकि दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान सुचारू रूप से जारी हैं, लेकिन इस कूटनीतिक गतिरोध ने संस्थागत संबंधों को गहरा आघात पहुंचाया है। अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का मानना है कि ऐतिहासिक घावों और आधुनिक आर्थिक अनिवार्यताओं के टकराव के बीच संबंधों को सामान्य करने के लिए पर्दे के पीछे व्यापक कूटनीतिक प्रयासों की आवश्यकता होगी।




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