फ्रांस के सशस्त्र बल मंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू ने मंगलवार को आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि डसॉल्ट मिराज 2000-5 लड़ाकू विमानों की पहली खेप 2025 की पहली तिमाही में यूक्रेन को सौंप दी जाएगी। पेरिस में संसदीय रक्षा समिति को संबोधित करते हुए लेकोर्नू ने कहा कि इन सुपरसोनिक विमानों को युद्धक्षेत्र की जरूरतों के अनुसार आधुनिक हथियारों और रक्षा प्रणालियों से लैस किया जा रहा है।

मूल रूप से हवाई श्रेष्ठता के लिए बनाए गए इन विमानों को दक्षिण-पश्चिमी फ्रांस के कज़ौक्स एयरबेस पर व्यापक रूप से अपग्रेड किया जा रहा है। फ्रांसीसी इंजीनियर इसमें सटीक एयर-टू-ग्राउंड हथियार जोड़ रहे हैं, जिससे यह विमान स्कैल्प-ईजी क्रूज मिसाइलें और एएएसएम हैमर गाइडेड बम दागने में सक्षम होंगे।

कज़ौक्स एयरबेस पर एयर-टू-ग्राउंड हथियारों का आधुनिकीकरण

आक्रामक क्षमताओं के साथ-साथ इन लड़ाकू विमानों में आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (ईडब्ल्यू) सिस्टम भी लगाया जा रहा है। यह तकनीक रूसी रडार को जाम करने और सतह से हवा में मार करने वाली एस-400 जैसी लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों से यूक्रेनी पायलटों की रक्षा करने में मदद करेगी।

इस बीच फ्रांस के विभिन्न सैन्य ठिकानों पर यूक्रेनी पायलटों और तकनीकी कर्मियों का प्रशिक्षण तेजी से चल रहा है। अल्फा जेट पर बुनियादी अभ्यास पूरा करने के बाद यूक्रेनी पायलट अब फ्रांसीसी प्रशिक्षकों की देखरेख में मिराज विमानों का जटिल संचालन सीख रहे हैं।

“हमारे मिराज 2000-5 जेट 2025 की पहली तिमाही में पहुंचेंगे। कज़ौक्स में नए उपकरणों के साथ उनका आधुनिकीकरण किया जा रहा है ताकि यूक्रेन की वायु रक्षा और जमीनी हमले की क्षमता को मजबूत किया जा सके।”

पायलट प्रशिक्षण और यूक्रेनी वायु रक्षा पर रणनीतिक प्रभाव

पश्चिमी सहयोगियों द्वारा दिए जा रहे एफ-16 विमानों के साथ मिराज 2000-5 के शामिल होने से यूक्रेनी वायु सेना की युद्धक क्षमता में व्यापक बदलाव आएगा। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार मिराज का आधुनिक रडार रूसी क्रूज मिसाइलों और शाहेद ड्रोनों को मार गिराने में अहम भूमिका निभाएगा।

लेकोर्नू ने दोहराया कि फ्रांस केवल विमान ही नहीं देगा, बल्कि 2025 के दौरान पुर्जों, गोला-बारूद और तकनीकी रखरखाव की पूरी श्रृंखला सुनिश्चित करेगा ताकि ये लड़ाकू विमान युद्धक्षेत्र में लगातार सक्रिय रह सकें।

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