दुनिया के प्रमुख वाहन निर्माता समूहों में शामिल स्टेलेंटिस ने ब्रिटेन सरकार को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि शून्य उत्सर्जन वाहन (ZEV) बिक्री अनिवार्यताओं में ढील नहीं दी गई या सरकारी सब्सिडी नहीं दी गई, तो वह ब्रिटेन में अपना वाणिज्यिक वैन उत्पादन बंद करने पर मजबूर हो सकता है। इस चेतावनी से एल्सेमेरे पोर्ट और ल्यूटन संयंत्रों में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों की आजीविका पर संकट गहरा गया है।

ब्रिटेन के मौजूदा कानून के तहत वाहन निर्माताओं के लिए यह अनिवार्य है कि वर्ष 2024 में बेची जाने वाली नई हल्की वाणिज्यिक वैन में से कम से कम 10 प्रतिशत वैन पूरी तरह से शून्य-उत्सर्जन (इलेक्ट्रिक) होनी चाहिए। यह कोटा 2030 तक बढ़कर 70 प्रतिशत हो जाएगा। इसका पालन न करने वाली कंपनियों पर प्रति गैर-अनुपालन वाहन 15,000 पाउंड का भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है।

सख्त कानूनी कोटा और कमजोर बाजार मांग के बीच टकराव

स्टेलेंटिस ने एल्सेमेरे पोर्ट कारखाने को केवल इलेक्ट्रिक वैन बनाने वाले संयंत्र में बदलने के लिए 10 करोड़ पाउंड से अधिक का निवेश किया था। इसके बावजूद बाजार में इलेक्ट्रिक वैन की मांग कमजोर बनी हुई है, क्योंकि ऊंची कीमतें और वाणिज्यिक चार्जिंग स्टेशनों की कमी उपभोक्ताओं और व्यवसायों को रोक रही है।

स्टेलेंटिस यूके की प्रबंध निदेशक मारिया ग्राज़िया डेविनो ने उद्योग जगत के नेताओं को बताया कि कोटा पूरा करने के लिए इलेक्ट्रिक वैन पर भारी छूट देना और डीजल वैन पर भारी जुर्माना भरना व्यावसायिक रूप से टिकाऊ नहीं है।

“The current ZEV mandate demands market share levels that natural consumer demand cannot support without urgent government incentives. Without flexibility, domestic production is in jeopardy.”

वॉक्सहॉल संयंत्रों पर संकट और औद्योगिक नीति पर विवाद

सोसाइटी ऑफ मोटर मैन्युफैक्चरर्स एंड ट्रेडर्स (SMMT) ने भी कंपनी का समर्थन करते हुए आंकड़े जारी किए हैं कि इस साल की पहली छमाही में इलेक्ट्रिक वैन की बिक्री मात्र 5.1 प्रतिशत रही, जो कानूनी लक्ष्य से लगभग आधी है।

ब्रिटिश परिवहन और व्यापार मंत्रालयों ने कहा है कि वे स्थिति पर नजर रखने के लिए वाहन निर्माताओं के साथ संपर्क में हैं। हालांकि, 2030 तक पेट्रोल-डीजल वाहनों को चरणबद्ध तरीके से हटाने की प्रतिबद्धता के बीच सरकार के सामने उद्योग और पर्यावरण दोनों को साधने की कठिन चुनौती है।

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