न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र के दौरान सऊदी अरब ने औपचारिक रूप से 'द्वि-राष्ट्र समाधान के कार्यान्वयन के लिए वैश्विक गठबंधन' की घोषणा की। सऊदी विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद द्वारा शुरू किए गए इस राजनयिक मंच में अरब लीग, इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) और यूरोपीय संघ के सदस्य देश एकजुट हुए हैं।
प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए प्रिंस फैसल ने गाजा में चल रहे मानवीय संकट और वेस्ट बैंक में बढ़ती हिंसा पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक 1967 की सीमाओं पर आधारित एक संप्रभु और स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना नहीं होती, तब तक पूरे पश्चिम एशिया में स्थायी सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग असंभव है।
फिलिस्तीनी संप्रभुता के लिए अंतरराष्ट्रीय समर्थन का विस्तार
नॉर्वे और यूरोपीय संघ के सहयोग से शुरू हुआ यह गठबंधन मात्र बयानबाजी से आगे बढ़कर ठोस राजनयिक और कानूनी कदम उठाने के लिए बनाया गया है। इसका उद्देश्य फिलिस्तीन राज्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पूर्ण मान्यता दिलाना और फिलिस्तीनी प्राधिकरण की प्रशासनिक क्षमता को सुदृढ़ बनाना है।
स्पेन, नॉर्वे और आयरलैंड के विदेश मंत्रियों ने इस पहल का स्वागत करते हुए दोहराया कि मध्य पूर्व में शांति केवल द्वि-राष्ट्र फॉर्मूले के माध्यम से ही संभव है, जिसमें इजरायल और फिलिस्तीन शांतिपूर्वक साथ रह सकें।
“हम द्वि-राष्ट्र समाधान को लागू करने के लिए आज एक वैश्विक गठबंधन शुरू कर रहे हैं। हमें हिंसा के इस चक्र को समाप्त कर स्वतंत्र फिलिस्तीनी राज्य का मार्ग प्रशस्त करना होगा।”
रियाद और ब्रुसेल्स में कार्यसमूह बैठकों की रूपरेखा
कार्ययोजना के तहत गठबंधन की पहली मंत्रिस्तरीय कार्यशालाएं सऊदी अरब की राजधानी रियाद में आयोजित की जाएंगी, जिसके बाद बेल्जियम के ब्रुसेल्स में अगली उच्चस्तरीय वार्ता होगी। इसमें सुरक्षा, वित्तीय सहायता और पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
यह पहल अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में सऊदी अरब के नेतृत्व को रेखांकित करती है, जिससे यह संदेश स्पष्ट होता है कि फिलिस्तीनी अधिकारों की सुरक्षा के बिना क्षेत्रीय संबंधों का सामान्यीकरण अधूरा रहेगा।




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