सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के विज़न 2030 राष्ट्रीय परिवर्तन कार्यक्रम के तहत बुधवार को स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों में बड़ा इजाफा करते हुए 2030 तक 130 गीगावाट स्थापित नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का नया लक्ष्य तय किया गया है।
सऊदी ऊर्जा मंत्री राजकुमार अब्दुलअजीज बिन सलमान द्वारा प्रस्तुत इस योजना के तहत राष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा कार्यक्रम (NREP) और देश के संप्रभु वेल्थ फंड (PIF) के तहत सौर और पवन परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जाएगा।
बिजली घरों में कच्चा तेल जलाना बंद कर सौर और पवन ऊर्जा का विस्तार
130 गीगावाट का यह संशोधित रोडमैप सऊदी अरब के घरेलू बिजली उत्पादन में 50 प्रतिशत नवीकरणीय ऊर्जा और 50 प्रतिशत उच्च दक्षता वाली गैस आधारित ऊर्जा का संतुलन बनाएगा, जिससे बिजली बनाने में जलने वाले लगभग 10 लाख बैरल कच्चे तेल और भारी ईंधन की प्रतिदिन बचत होगी।
सऊदी ऊर्जा कंपनी एक्वा पावर (ACWA Power) ने मक्का और कासिम प्रांतों में 5.5 गीगावाट की तीन विशाल सौर ऊर्जा परियोजनाओं के वित्तीय समापन और निर्माण शुरू करने की घोषणा की है, जो दुनिया में सबसे कम लागत वाली सौर बिजली का उत्पादन करेंगी।
“हम अपने राष्ट्रीय परिवर्तन को तेज कर रहे हैं ताकि सऊदी अरब स्वच्छ ऊर्जा का केंद्र बने और एशिया, यूरोप तथा अफ्रीका को जोड़ने वाला मुख्य लॉजिस्टिक्स पुल स्थापित हो सके।”
ग्लोबल सप्लाई चेन पहल के तहत लाल सागर गलियारों का विकास
स्वच्छ ऊर्जा के साथ-साथ सऊदी सरकार ने 'ग्लोबल सप्लाई चेन रेजिलिएंस इनिशिएटिव' के नए चरणों का शुभारंभ किया। जेद्दा के पास किंग अब्दुल्ला पोर्ट और रियाद में प्रस्तावित किंग सलमान अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़े आर्थिक क्षेत्रों को विशेष व्यापारिक सुविधाएं दी गई हैं।
सऊदी अरब नियोम (NEOM) में हरित हाइड्रोजन उत्पादन, विशाल सौर ऊर्जा और अत्याधुनिक बंदरगाहों के जरिए एशिया और यूरोप के बीच दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक और ऊर्जा केंद्र बनकर उभर रहा है।




Comments (0)
Log in to join the discussion.