यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) ने 24 सितंबर, 2026 को यूक्लिड (Euclid) स्पेस टेलीस्कोप द्वारा तैयार ब्रह्मांड के विस्तृत सर्वेक्षण का पहला विशाल मोज़ेक आधिकारिक तौर पर जारी किया। 208 गीगापिक्सेल आकार और दक्षिणी आकाश में लगभग 1.4 करोड़ आकाशगंगाओं को समेटे हुए यह पैनोरमा, ब्रह्मांड के विस्तार को संचालित करने वाले डार्क मैटर और डार्क एनर्जी के रहस्यों को समझने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर लैग्रेंज प्वाइंट 2 (L2) पर स्थित यूक्लिड ने मात्र दो सप्ताह में 260 अलग-अलग अवलोकनों को जोड़कर यह मोज़ेक तैयार किया। हालांकि यह दृश्य पूर्णिमा के चंद्रमा के आकार से 500 गुना बड़े आकाश क्षेत्र को कवर करता है, लेकिन यह छह साल के कुल नियोजित सर्वेक्षण का मात्र एक प्रतिशत है।

ब्रह्मांडीय मानचित्रण में ऐतिहासिक उपलब्धि: एक पट्टी में 1.4 करोड़ आकाशगंगाएं

टेलीस्कोप में दो प्रमुख वैज्ञानिक उपकरण लगे हैं: विजिबल इंस्ट्रूमेंट (VIS), जो 600 मेगापिक्सेल का ऑप्टिकल कैमरा है और आकाशगंगाओं के आकार को स्पष्ट दिखाता है; तथा नियर-इन्फ्रारेड स्पेक्ट्रोमीटर एंड फोटोमीटर (NISP), जो अरबों प्रकाश वर्ष दूर की आकाशगंगाओं की सटीक दूरी और रेडशिफ्ट मापता है।

आकाशगंगाओं के सूक्ष्म आकार और उनकी व्यापक दूरी का एक साथ अध्ययन करके वैज्ञानिक कमजोर गुरुत्वाकर्षण लेंसिंग (Weak Gravitational Lensing) का विश्लेषण कर सकते हैं, जिससे अदृश्य डार्क मैटर के ढांचे का सटीक नक्शा बनाना संभव होता है।

“यह मनमोहक मोज़ेक उस कुल सर्वेक्षण का मात्र एक प्रतिशत है जो यूक्लिड अगले छह वर्षों में पूरा करेगा, फिर भी यह अभूतपूर्व रिज़ॉल्यूशन में लाखों ब्रह्मांडीय संरचनाओं को उजागर करता है।”

डार्क एनर्जी, डार्क मैटर और ब्रह्मांड के विस्तार के रहस्यों की खोज

दुनिया भर के खगोल भौतिकविद इस उच्च-रिज़ॉल्यूशन डेटा का उपयोग डार्क एनर्जी की प्रकृति, त्वरित ब्रह्मांडीय विस्तार और बड़े पैमाने पर अल्बर्ट आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता सिद्धांत के परीक्षण के लिए करेंगे।

यूक्लिड कंसोर्टियम ने पुष्टि की है कि इस अवलोकन का प्राथमिक डेटा अब वैश्विक खगोलविदों के लिए सार्वजनिक अभिलेखागार में उपलब्ध करा दिया गया है, जिससे ब्रह्मांडीय विकास पर नए शोध को गति मिलेगी।

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