विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के महानिदेशक टेड्रोस अधानोम घेब्रेयेसस ने 24 सितंबर, 2026 को जिनेवा से एक भावुक अपील जारी करते हुए दुनिया भर के राष्ट्राध्यक्षों से रोगाणुरोधी प्रतिरोध (AMR) के बढ़ते संकट से निपटने के लिए बाध्यकारी लक्ष्य निर्धारित करने का आग्रह किया। यह चेतावनी न्यूयॉर्क में 79वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान आयोजित होने वाली उच्च स्तरीय बैठक से पहले आई है।
विशेषज्ञों द्वारा 'मूक महामारी' करार दिया गया रोगाणुरोधी प्रतिरोध तब उत्पन्न होता है जब बैक्टीरिया, वायरस, कवक और परजीवी दवाओं के प्रति प्रतिरोधी क्षमता विकसित कर लेते हैं, जिससे मौजूदा एंटीबायोटिक्स अप्रभावी हो जाती हैं। डब्ल्यूएचओ के अनुसार, इस संकट के कारण दुनिया भर में हर साल सीधे 13 लाख मौतें होती हैं और लगभग 50 लाख मौतों में यह योगदान देता है।
एक शांत महामारी: बढ़ती मौतें और खरबों डॉलर का आर्थिक झटका
टेड्रोस ने चेतावनी दी कि यदि सुपरबग्स के प्रसार को नहीं रोका गया, तो आधुनिक चिकित्सा की नींव हिल जाएगी। सिजेरियन डिलीवरी, कीमोथेरेपी, समय से पहले जन्मे बच्चों की देखभाल और अंग प्रत्यारोपण जैसी सामान्य चिकित्सा प्रक्रियाएं एंटीबायोटिक दवाओं के निष्प्रभावी होने पर जानलेवा साबित हो सकती हैं।
मानवीय क्षति के अलावा, इसके आर्थिक परिणाम भी बेहद भयावह हैं। विश्व बैंक और डब्ल्यूएचओ के अनुमानों के अनुसार, 2030 तक अनियंत्रित एएमआर के कारण वैश्विक आर्थिक उत्पादन में सालाना 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक की कमी आ सकती है और 2.8 करोड़ अतिरिक्त लोग अत्यधिक गरीबी में धकेले जा सकते हैं।
“रोगाणुरोधी प्रतिरोध एक सदी की चिकित्सा प्रगति को समाप्त करने की धमकी देता है। यदि एंटीबायोटिक्स अपनी प्रभावशीलता खो देते हैं, तो नियमित सर्जरी और सामान्य संक्रमण एक बार फिर जानलेवा बन सकते हैं।”
वन हेल्थ दृष्टिकोण, कृषि सुधार और नई एंटीबायोटिक दवाओं का विकास
डब्ल्यूएचओ ने 'वन हेल्थ' दृष्टिकोण अपनाने की वकालत की है, जो मानव स्वास्थ्य, पशुपालन और कृषि में एंटीबायोटिक दवाओं के दुरुपयोग को नियंत्रित करता है। मवेशियों और पोल्ट्री में तेजी से वजन बढ़ाने के लिए एंटीबायोटिक्स का अंधाधुंध उपयोग इस प्रतिरोध का एक प्रमुख कारण है।
न्यूयॉर्क शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के स्वास्थ्य मंत्री 2030 तक बैक्टीरियल एएमआर से होने वाली मौतों में 10% की कमी लाने और नई एंटीबायोटिक दवाओं के अनुसंधान के लिए वैश्विक वित्तपोषण स्थापित करने के मसौदे पर विचार-विमर्श करेंगे।




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