डिजिटल गोपनीयता के एक दृढ़ केंद्र के रूप में अपनी पुरानी पहचान से बड़ा बदलाव करते हुए मैसेजिंग दिग्गज टेलीग्राम ने सोमवार को अपनी सेवा की शर्तों और गोपनीयता नीति को औपचारिक रूप से अद्यतन किया, जिसमें पुष्टि की गई कि वैध न्यायिक सर्च वारंट प्रस्तुत करने वाली जांच एजेंसियों को संदिग्ध उपयोगकर्ताओं के IP पते और फोन नंबर सौंपे जाएंगे।

टेलीग्राम के मुख्य कार्यकारी पावेल डुरोव ने अपने आधिकारिक चैनल पर इस संशोधन की घोषणा की और बताया कि मंच का उद्देश्य लगभग एक अरब सक्रिय वैश्विक उपयोगकर्ताओं के संचार नेटवर्क को असामाजिक तत्वों द्वारा दूषित होने से बचाना है। यह कदम आपराधिक जांच में सहयोग न करने को लेकर पश्चिमी सरकारों की आलोचनाओं का सीधा जवाब है।

पूर्ण गोपनीयता से कानूनी अनुपालन की ओर एक बड़ा कदम

टेलीग्राम के संशोधित समझौते के अनुच्छेद 8.3 के अनुसार, यदि कंपनी को वैध न्यायिक आदेश प्राप्त होता है जिसमें पुष्टि होती है कि उपयोगकर्ता नियमों का उल्लंघन करने वाली अवैध गतिविधियों का संदिग्ध है, तो कानूनी विश्लेषण के बाद उसका डेटा संबंधित अदालत को सौंपा जा सकता है।

डुरोव ने यह भी खुलासा किया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स का उपयोग करके मध्यस्थों की एक समर्पित टीम ने हाल के हफ्तों में टेलीग्राम सर्च से अवैध वस्तुओं और आपराधिक सेवाओं को व्यवस्थित रूप से हटा दिया है।

“हम असामाजिक तत्वों को लगभग एक अरब उपयोगकर्ताओं के लिए हमारे मंच की अखंडता को खतरे में डालने की अनुमति नहीं देंगे। टेलीग्राम पर सर्च दोस्तों को खोजने और समाचार प्राप्त करने के लिए है।”

AI मॉडरेशन सुधार और तकनीकी उद्योग पर इसके प्रभाव

यह नीतिगत बदलाव डुरोव को पेरिस में फ्रांसीसी पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने और न्यायिक निगरानी में रखे जाने के चार सप्ताह बाद आया है। फ्रांसीसी अभियोजकों ने मंच पर डेटा साझा न करने को लेकर आरोप लगाए थे।

विशेषज्ञों का कहना है कि जहां सीक्रेट चैट एंड-टू-एंड एन्क्रिप्टेड रहती हैं, वहीं सामान्य क्लाउड चैट का मेटाडेटा सर्वर पर रहता है। यह नया कदम टेलीग्राम को अंतरराष्ट्रीय कानूनी नियमों के अधिक करीब लाता है।

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