कैलिफोर्निया के मेनलो पार्क में आयोजित अपने प्रमुख वार्षिक 'मेटा कनेक्ट 2024' सम्मेलन में मेटा प्लेटफॉर्म्स ने 'ओरियन' नामक भविष्य के होलोग्राफिक ऑगमेंटेड रियलिटी (एआर) चश्मे से पर्दा उठाया।
मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने इसे कंपनी के रियलिटी लैब्स के दस वर्षों के शोध का सबसे बड़ा परिणाम बताया। ओरियन चश्मे में पारदर्शी सिलिकॉन कार्बाइड लेंस और माइक्रो-एलईडी प्रोजेक्टर लगाए गए हैं, जो आंखों के सामने 70-डिग्री के विशाल क्षेत्र में डिजिटल होलोग्राम पेश करते हैं।
ओरियन: सिलिकॉन कार्बाइड ऑप्टिक्स और न्यूरल रिस्टबैंड कंट्रोल
पारंपरिक भारी वीआर हेडसेट्स के विपरीत, ओरियन एक सामान्य चश्मे की तरह दिखता है, जिसमें उपयोगकर्ता वास्तविक दुनिया को सीधे देखते हुए डिजिटल स्क्रीन, संदेश और 3डी अवतारों के साथ इंटरैक्ट कर सकते हैं।
इस चश्मे को नियंत्रित करने के लिए एक इलेक्ट्रोमाियोग्राफी (ईएमजी) न्यूरल रिस्टबैंड दिया गया है, जो मस्तिष्क से उंगलियों तक जाने वाले सूक्ष्म तंत्रिका संकेतों को पकड़ लेता है, जिससे उंगली हिलाए बिना भी कमांड दिए जा सकते हैं।
“कई लोगों का मानना था कि इस आकार में सच्चे एआर चश्मे बनाना लगभग असंभव है। ओरियन ने साबित कर दिया कि यह संभव है। यह मानवता द्वारा निर्मित सबसे उन्नत उपभोक्ता उपकरण है।”
क्वेस्ट 3एस और मिक्स्ड रियलिटी का आम उपभोक्ताओं तक विस्तार
यद्यपि ओरियन की विनिर्माण लागत अत्यधिक होने के कारण यह फिलहाल डेवलपर्स और शोधकर्ताओं के लिए ही उपलब्ध होगा, लेकिन आम उपभोक्ताओं के लिए मेटा ने मात्र $299 (लगभग 25,000 रुपये) की शुरुआती कीमत में 'क्वेस्ट 3एस' हेडसेट लॉन्च किया।
क्वेस्ट 3एस में फ्लैगशिप क्वेस्ट 3 वाला स्नैपड्रैगन एक्सआर2 जेन 2 प्रोसेसर और फुल-कलर पासथ्रू कैमरे दिए गए हैं, जिससे बजट उपभोक्ताओं को मिक्स्ड रियलिटी और गेमिंग का प्रीमियम अनुभव मिलेगा।




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