दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक-योल ने सियोल में 'राष्ट्रीय एआई समिति' का औपचारिक शुभारंभ किया और 2027 तक 65 ट्रिलियन वॉन (लगभग 49 अरब डॉलर) के विशाल सार्वजनिक-निजी निवेश ब्लूप्रिंट का अनावरण किया। इस व्यापक राष्ट्रीय रणनीति का लक्ष्य दक्षिण कोरिया को अमेरिका और चीन के साथ दुनिया की शीर्ष तीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस महाशक्तियों में स्थापित करना है।

राष्ट्रपति की अध्यक्षता वाली यह उच्चस्तरीय समिति नीति-निर्माण, कानूनी सुधारों और पूंजी आवंटन के समन्वय के लिए मुख्य नियंत्रण कक्ष के रूप में कार्य करेगी। इसमें कैबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स, एसके टेलीकॉम, एलजी और नेवर जैसी प्रमुख तकनीकी कंपनियों के शीर्ष अधिकारी शामिल हैं।

वैश्विक एआई नेतृत्व के लिए महत्वाकांक्षी सार्वजनिक-निजी साझेदारी

इस कार्ययोजना के तहत सरकार और उद्योग जगत मिलकर एक अत्याधुनिक 'राष्ट्रीय एआई कंप्यूटिंग सेंटर' स्थापित करेंगे। यह विशाल केंद्र घरेलू कंप्यूटिंग क्षमता में भारी वृद्धि करेगा, जिससे स्थानीय स्टार्टअप्स और शोधकर्ताओं को उन्नत कंप्यूटिंग संसाधन रियायती दरों पर उपलब्ध होंगे।

रणनीति का एक प्रमुख आधार दक्षिण कोरिया के सेमीकंडक्टर विनिर्माण में वैश्विक दबदबे का लाभ उठाना है। घरेलू हाई बैंडविड्थ मेमोरी (HBM) और न्यूरल प्रोसेसिंग यूनिट्स (NPU) को जोड़कर देश कम ऊर्जा खपत वाले अत्याधुनिक एआई चिप्स विकसित करेगा।

“एआई औद्योगिक प्रतिस्पर्धा और राष्ट्रीय सुरक्षा को नया रूप दे रहा है। दक्षिण कोरिया अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा तैयार करेगा और शीर्ष तीन एआई देशों में शामिल होगा।”

राष्ट्रीय कंप्यूटिंग अवसंरचना और सेमीकंडक्टर तालमेल का विस्तार

इसके अलावा, सरकार 'एआई बेसिक एक्ट' लागू करने की योजना बना रही है, जो सुरक्षित और नैतिक एआई विकास के लिए पारदर्शी नियम तय करेगा और साथ ही घरेलू नवाचारों को बढ़ावा देगा।

वैश्विक तकनीकी प्रतिस्पर्धा के इस दौर में दक्षिण कोरिया का यह एकीकृत निवेश अभियान डिजिटल संप्रभुता हासिल करने और भविष्य के आर्थिक विकास को गति देने की मजबूत इच्छाशक्ति को दर्शाता है।

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