दक्षिण कोरियाई सेमीकंडक्टर कंपनी एसके हाइनिक्स ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने 12-लेयर हाई बैंडविड्थ मेमोरी (एचबीएम3ई) चिप्स का दुनिया का पहला वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया है। 36 गीगाबाइट (जीबी) की उद्योग-अग्रणी क्षमता वाले ये चिप्स कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) मेमोरी समाधानों में कंपनी के दबदबे को और मजबूत करते हैं। कंपनी साल के अंत से पहले अपने प्रमुख ग्राहकों को इसकी आपूर्ति शुरू कर देगी।

यह नया 12-लेयर पैकेज मौजूदा 8-लेयर और 24 जीबी वाले एचबीएम3ई चिप्स की तुलना में 50 प्रतिशत अधिक मेमोरी क्षमता प्रदान करता है, जबकि मॉड्यूल की कुल मोटाई पहले जितनी ही रखी गई है। इस तकनीकी उपलब्धि को हासिल करने के लिए एसके हाइनिक्स ने प्रत्येक डीरैम चिप को 40 प्रतिशत पतला किया और उन्हें वर्टिकल टीएसवी तकनीक से आपस में जोड़ा।

36 जीबी की अगली पीढ़ी की मेमोरी से एआई प्रोसेसिंग गति में भारी उछाल

9.6 गीगाबिट्स प्रति सेकंड की गति से काम करने वाला यह चिप सिस्टम को 1.22 टेराबाइट प्रति सेकंड से अधिक की डेटा ट्रांसफर स्पीड देने में सक्षम बनाता है। यह गति एक ही सेकंड में 160 फुल एचडी फिल्मों को ट्रांसफर करने के बराबर है। जटिल जनरेटिव एआई मॉडल के प्रशिक्षण के लिए इतनी तेज बैंडविड्थ अनिवार्य मानी जाती है।

कंपनी ने पुष्टि की है कि इन चिप्स की शुरुआती खेप सीधे एनवीडिया को उसके ब्लैकवेल अल्ट्रा बी200 और जीबी200 एनवीएल72 एआई कंप्यूटिंग आर्किटेक्चर के लिए दी जाएगी। वैश्विक एआई ट्रेनिंग बाजार में एनवीडिया की हिस्सेदारी 85 प्रतिशत से अधिक है, जिससे एसके हाइनिक्स को रिकॉर्ड परिचालन मुनाफा होने की उम्मीद है।

“SK Hynix has once again broken technological barriers by becoming the first in the industry to mass-produce 12-layer HBM3E, cementing our uncontested leadership in AI memory.”

स्वदेशी पैकेजिंग तकनीक ने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़ाई दक्षिण कोरियाई कंपनी की बढ़त

एक ही छोटे चिप में 12 सिलिकॉन परतों को जोड़ने से उत्पन्न होने वाली अत्यधिक गर्मी से निपटने के लिए कंपनी ने अपनी उन्नत मास रिफ्लो मोल्डेड अंडरफिल (एमआर-एमयूएफ) तकनीक का इस्तेमाल किया है। यह सुरक्षात्मक सामग्री पारंपरिक तकनीकों की तुलना में हीट डिसिपेशन को 10 प्रतिशत तक बेहतर बनाती है, जिससे डेटा सेंटरों में चिप की विश्वसनीयता बढ़ जाती है।

इस विनिर्माण सफलता ने प्रतिद्वंद्वी मेमोरी निर्माताओं जैसे सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स और माइक्रोन टेक्नोलॉजी पर दबाव काफी बढ़ा दिया है। दोनों प्रतिद्वंद्वी कंपनियां अभी भी 12-लेयर एचबीएम3ई के नमूनों के परीक्षण में जुटी हैं, जबकि एसके हाइनिक्स उत्पादन शुरू कर 2025 तक प्रीमियम एआई मेमोरी बाजार पर कब्जा करने की मजबूत स्थिति में आ गई है।

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