सूर्य से विस्फोटित होकर निकले एक अत्यंत तीव्र कोरोनल मास इजेक्शन (CME) ने पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराकर गंभीर (G4 श्रेणी) भू-चुंबकीय तूफान पैदा किया, जिससे सामान्य से काफी निचले मध्य-अक्षांश क्षेत्रों के रात्रि आकाश में भव्य और रंग-बिरंगी 'ऑरोरा' (ध्रुवीय रोशनी) दिखाई दी। अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय और वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) के अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान केंद्र ने बताया कि यह चुंबकीय प्लाज्मा बादल 24 लाख किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से पृथ्वी से टकराया।

इस सौर तूफान की उत्पत्ति सक्रिय सौर कलंक (सनस्पॉट) क्षेत्र AR3848 से हुई, जिसने सीधे पृथ्वी की दिशा में एक शक्तिशाली X1.8-श्रेणी की सौर ज्वाला छोड़ी थी। पृथ्वी से दस लाख मील दूर स्थित DSCOVR और ACE उपग्रहों से गुजरते समय अंतरग्रहीय चुंबकीय क्षेत्र का रुख दक्षिण की ओर दर्ज किया गया, जिससे पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल में ऊर्जा का तीव्र संचार हुआ।

तीव्र कोरोनल मास इजेक्शन की पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टक्कर

भू-चुंबकीय सूचकांक के Kp 8 तक पहुंचते ही ध्रुवीय रोशनी का घेरा भूमध्य रेखा की ओर काफी नीचे तक फैल गया। खगोल प्रेमियों ने अमेरिका के 35 से अधिक राज्यों—जिनमें मेन और ग्रेट लेक्स से लेकर टेक्सास, एरिजोना और कैलिफोर्निया शामिल हैं—में लाल, बैंगनी और पन्ना हरे रंग की चमकदार पट्टियां कैमरे में कैद कीं। वहीं ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, उत्तरी इटली और जापान के होक्काइडो में भी अद्भुत नजारे दिखे।

तूफान के प्रभाव से पहले ही NOAA ने उत्तरी अमेरिकी पावर ग्रिड संचालकों और आपातकालीन प्रबंधन एजेंसियों को G4 चेतावनी जारी कर दी थी, विशेषकर तब जब दक्षिण-पूर्वी अमेरिका में तूफान मिल्टन के बाद राहत कार्य चल रहे थे। उच्च-वोल्टेज बिजली कंपनियों ने भू-चुंबकीय धाराओं से ट्रांसफार्मरों को बचाने के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए।

“इस उच्च-वेग वाले कोरोनल मास इजेक्शन ने गंभीर G4 भू-चुंबकीय तूफान की स्थिति पैदा की, जिससे ऑरोरा का घेरा मध्य-अक्षांश क्षेत्रों तक फैल गया और ग्रिड ऑपरेटरों को हाई अलर्ट पर रखा गया।” — शॉन डाहल, सेवा समन्वयक, NOAA अंतरिक्ष मौसम पूर्वानुमान केंद्र

पावर ग्रिड की सुरक्षा और सौर चक्र 25 की चरम सक्रियता

वाणिज्यिक एयरलाइनों ने रेडियो संचार बाधाओं और विकिरण से बचने के लिए ध्रुवीय मार्गों की कुछ उड़ानों का रास्ता बदला, जबकि उपग्रह संचालकों ने पृथ्वी की निचली कक्षा में बढ़े वायुमंडलीय खिंचाव की निगरानी की। चुंबकीय हलचल की तीव्रता के बावजूद, बिजली ग्रिड और जीपीएस नेविगेशन प्रणालियां बिना किसी बड़ी रुकावट के सुचारु रूप से काम करती रहीं।

सौर भौतिकविदों का कहना है कि अक्टूबर की यह घटना 'सौर चक्र 25' (Solar Cycle 25) की चरम सक्रियता को दर्शाती है, जो अब अपने 'सोलर मैक्सिमम' चरण में पहुंच चुका है। मई 2024 के ऐतिहासिक G5 तूफान के बाद वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि 2025 के दौरान भी ऐसे सौर विस्फोट और ऑरोरा के अवसर लगातार मिलते रहेंगे।

Frequently Asked Questions

भीषण G4 भू-चुंबकीय तूफान और व्यापक ऑरोरा का मुख्य कारण क्या था?

सनस्पॉट AR3848 से निकली X1.8-श्रेणी की सौर ज्वाला ने 24 लाख किमी/घंटा की रफ्तार से कोरोनल मास इजेक्शन (CME) को सीधे पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र से टकराया।

क्या इस G4 सौर तूफान से पावर ग्रिड या उपग्रहों को कोई बड़ा नुकसान हुआ?

नहीं, NOAA की समयपूर्व चेतावनी के कारण पावर ग्रिड और उपग्रह संचालकों ने सुरक्षात्मक उपाय अपना लिए थे, जिससे कोई बड़ी तकनीकी विफलता नहीं हुई।

Sources