अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के क्यूरियोसिटी मार्स रोवर ने लाल ग्रह पर एक आश्चर्यजनक भूगर्भीय खोज की है। माउंट शार्प की ढलानों पर स्थित गेडिज़ वैलिस चैनल में चलते समय रोवर के पहियों के नीचे एक छोटा सा पत्थर दबकर टूट गया। जब रोवर के कैमरों ने टूटी हुई चट्टान को देखा, तो उसके भीतर शुद्ध तात्विक गंधक (सल्फर) के चमकीले पीले क्रिस्टल दिखाई दिए।
मंगल ग्रह पर सल्फर आधारित यौगिक जैसे सल्फेट खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो अरबों साल पहले पानी के वाष्पीकरण से बने थे। लेकिन मंगल की सतह पर शुद्ध तात्विक सल्फर का मिलना इतिहास में पहली बार दर्ज किया गया है। नासा की जेट प्रोपल्शन लैबोरेटरी (जेपीएल) के वैज्ञानिक इस खोज से पूरी तरह हैरान हैं।
गेडिज़ वैलिस में दुर्घटनावश हुई शुद्ध गंधक की अनोखी खोज
क्यूरियोसिटी ने अपने रोबोटिक आर्म पर लगे मार्स हैंड लेंस इमेजर (MAHLI) कैमरे का उपयोग करके क्रिस्टल की अत्यधिक विस्तृत सूक्ष्म तस्वीरें लीं। रासायनिक विश्लेषण से पुष्टि हुई कि चट्टान के भीतर पाए गए पीले खनिज 100 प्रतिशत शुद्ध तात्विक सल्फर हैं, न कि सामान्य सल्फेट लवण।
हैरानी की बात यह रही कि यह पत्थर कोई अकेला अवशेष नहीं था। जब वैज्ञानिकों ने रोवर के मस्तूल कैमरों से आसपास के परिदृश्य को देखा, तो पाया कि पूरी गेडिज़ वैलिस घाटी ऐसे ही पत्थरों से भरी हुई है। यानी रोवर अनजाने में शुद्ध गंधक के पत्थरों के एक विशाल मैदान में पहुंच गया था।
“शुद्ध सल्फर से बने पत्थरों का मैदान मिलना रेगिस्तान में नखलिस्तान खोजने जैसा है। इसे वहां नहीं होना चाहिए था, इसलिए अब हमें इसे समझाना होगा। अप्रत्याशित खोजना ही अन्वेषण को रोमांचक बनाता है।” — अश्विन वासावड़ा, नासा जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी में क्यूरियोसिटी प्रोजेक्ट वैज्ञानिक
माउंट शार्प पर गहराया भू-रासायनिक रहस्य और नए अध्ययन
पृथ्वी पर शुद्ध तात्विक सल्फर बहुत ही दुर्लभ परिस्थितियों में बनता है, जो मुख्य रूप से सक्रिय ज्वालामुखियों या अत्यधिक गर्म पानी के झरनों से जुड़ा होता है। हालांकि, माउंट शार्प तलछटी चट्टानों से बना एक पर्वत है और वहां ज्वालामुखी सक्रियता का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है।
वैज्ञानिकों की टीम अब यह समझने के लिए नए सिद्धांतों पर काम कर रही है कि गेडिज़ वैलिस में इतनी बड़ी मात्रा में शुद्ध सल्फर कैसे जमा हुआ। क्यूरियोसिटी रोवर इस रहस्य को सुलझाने के लिए आसपास के अन्य पत्थरों की ड्रिलिंग और रासायनिक जांच जारी रखेगा।
Frequently Asked Questions
क्यूरियोसिटी रोवर को टूटे पत्थर के अंदर क्या मिला?
रोवर को पत्थर के अंदर शत-प्रतिशत शुद्ध तात्विक गंधक (सल्फर) के चमकीले पीले क्रिस्टल मिले।
मंगल ग्रह पर शुद्ध सल्फर मिलना क्यों हैरान करने वाला है?
मंगल पर सल्फेट तो आम हैं, लेकिन शुद्ध सल्फर पहले कभी नहीं देखा गया क्योंकि यह केवल अत्यंत दुर्लभ स्थितियों में बनता है।





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