लिवरपूल में लेबर पार्टी के वार्षिक सम्मेलन में वित्त मंत्री (चांसलर ऑफ द एक्सचेकर) के रूप में अपने पहले संबोधन में रेचल रीव्स ने देश के आर्थिक भविष्य को लेकर आशावादी दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने जर्जर हो चुके सार्वजनिक बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण के लिए देशव्यापी निर्माण कार्यों का संकल्प लिया और स्पष्ट कहा कि ब्रिटेन फिर कभी ऑस्टेरिटी (कठोर तपस्या) के दौर में नहीं लौटेगा।

ब्रिटेन की पहली महिला चांसलर ने खचाखच भरे सभागार को संबोधित करते हुए सार्वजनिक और निजी पूंजी निवेश पर आधारित एक महत्वाकांक्षी आर्थिक खाका पेश किया। रीव्स ने तर्क दिया कि स्थिर हो चुके जीवन स्तर और चरमराई हुई सार्वजनिक सेवाओं से बाहर निकलने का एकमात्र विश्वसनीय रास्ता सतत आर्थिक विकास है।

पूंजीगत निवेश और योजना सुधारों के माध्यम से राष्ट्रीय पुनरुद्धार

पेंशनभोगियों के लिए विंटर फ्यूल पेमेंट में कटौती जैसे हालिया अलोकप्रिय फैसलों का जिक्र करते हुए रीव्स ने इसके लिए पिछली कंजर्वेटिव सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि उनकी टीम को मंत्रालयों के दैनिक बजट में £22 अरब का अघोषित 'काला सुराख' (राजकोषीय घाटा) मिला, जिसे तुरंत पाटना जरूरी था।

हालांकि, चांसलर ने स्पष्ट किया कि वित्तीय अनुशासन का मतलब सार्वजनिक सेवाओं में अंधाधुंध कटौती नहीं होगा। उन्होंने 30 अक्टूबर के बजट से पहले राजकोषीय नियमों में बदलाव के संकेत दिए, जिससे स्वच्छ ऊर्जा और परिवहन जैसी उत्पादक संपत्तियों के निर्माण के लिए पूंजीगत उधारी ली जा सके।

“ब्रिटेन के लिए मेरी आशावादिता मजबूत हुई है, कम नहीं। तपस्या के दौर में कोई वापसी नहीं होगी। हमारे विकास मिशन के लिए निवेश जरूरी है, और निवेश का मतलब देश के हर कोने में निर्माण कार्य शुरू करना है।”

£22 अरब का राजकोषीय घाटा और आगामी शरदकालीन बजट की तैयारी

भाषण में बड़े ढांचागत सुधारों पर जोर दिया गया, जिसमें आवास, बैटरी गीगाफैक्ट्री और तटवर्ती पवन ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी देने के लिए योजना नियमों में बदलाव शामिल है। रीव्स ने कहा कि रुकी हुई परिवहन परियोजनाओं और उपेक्षित अस्पतालों के सुधार को प्राथमिकता दी जाएगी।

सम्मेलन में मौजूद ट्रेड यूनियनों और व्यापारिक नेताओं ने रीव्स के निवेश-केंद्रित दृष्टिकोण का स्वागत किया। हालांकि वित्तीय बाजार अगले महीने पेश होने वाले बजट पर पैनी नजर रखेंगे, लेकिन रीव्स के भाषण ने बुनियादी ढांचे के विकास को लेबर सरकार के मुख्य एजेंडे के रूप में स्थापित कर दिया है।

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