अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के स्पीकर माइक जॉनसन ने कैपिटल हिल पर एक साफ-सुथरा और द्विदलीय कंटीन्यूइंग रेजोल्यूशन (सीआर) पेश किया है, जो संघीय सरकार के सभी विभागों को 20 दिसंबर तक वर्तमान स्तर पर वित्तपोषित रखेगा। यह विधायी समझौता 1 अक्टूबर को चालू वित्त वर्ष समाप्त होने पर होने वाले संभावित शटडाउन के खतरे को टालता है और अमेरिकी सेना, सुरक्षा एजेंसियों व आवश्यक नागरिक सेवाओं के निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करता है।
इस समझौते की घोषणा जॉनसन, हाउस डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज, सीनेट बहुमत नेता चक शूमर और सीनेट अल्पसंख्यक नेता मिच मैककोनेल के बीच कई दिनों तक चली गहन बातचीत के बाद हुई। 1 अक्टूबर की समयसीमा सिर पर होने के कारण दोनों दलों के नेताओं ने माना कि फंडिंग बिल पास न होने से सरकारी कर्मचारियों के वेतन रुकेंगे और देश की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
सेव एक्ट की शर्त हटाना और हाउस फ्लोर पर राजनीतिक संतुलन
नए कंटीन्यूइंग रेजोल्यूशन के तहत सरकारी खर्च को 20 दिसंबर तक मौजूदा स्तरों पर ही जारी रखा जाएगा। इस प्रस्ताव में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सुरक्षा में हुई चूकों के बाद अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के लिए 23.1 करोड़ डॉलर की अतिरिक्त आपातकालीन निधि भी शामिल की गई है। 20 दिसंबर की समयसीमा तय होने से अब पूरे वर्ष के व्यापक बजट पर फैसला नवंबर के आम चुनावों के बाद 'लेम-डक' सत्र में किया जाएगा।
सदन में द्विदलीय बहुमत जुटाने के लिए स्पीकर जॉनसन को अपना पुराना छह महीने का प्रस्ताव वापस लेना पड़ा, जिसमें 'सेव एक्ट' (SAVE Act) जोड़ा गया था। उस कानून के तहत संघीय चुनावों में मतदान के लिए नागरिकता का दस्तावेजी प्रमाण अनिवार्य किया गया था। इस शर्त वाले पहले बिल को सदन में 14 रिपब्लिकन सांसदों और लगभग सभी डेमोक्रेट्स ने खारिज कर दिया था। कंजर्वेटिव फ्रीडम कॉकस के सांसदों के कड़े विरोध के बावजूद जॉनसन ने माना कि विभाजित संसद में व्यावहारिक रुख अपनाना जरूरी था।
“हालाँकि यह वह कानून नहीं है जिसे हममें से कोई भी पूरी तरह पसंद करता, लेकिन चुनाव से कुछ हफ्ते पहले सरकारी शटडाउन कराना एक वित्तीय कदाचार होता। हम आवश्यक सेवाओं की निरंतरता सुनिश्चित कर रहे हैं और अंतिम बजट के लिए तैयारी कर रहे हैं।”
सीनेट की सहमति, व्हाइट हाउस का समर्थन और नवंबर चुनावों पर प्रभाव
सीनेट नेतृत्व और व्हाइट हाउस ने इस क्लीन बिल का तुरंत स्वागत किया है। सीनेट बहुमत नेता चक शूमर ने विवादास्पद शर्तें हटाने के फैसले की सराहना की और भरोसा दिलाया कि सदन से पारित होते ही सीनेट इसे तत्काल मंजूरी दे देगी। जो बाइडन प्रशासन ने भी बिल पर हस्ताक्षर करने की प्रतिबद्धता जताते हुए कहा कि सरकार बिना किसी व्यवधान के सुचारू रूप से कार्य करती रहेगी।
इस विधायी समझौते का असर नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति और संसदीय चुनावों पर भी पड़ेगा। कड़े चुनावी मुकाबले में उतरे रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों सांसदों को डर था कि शटडाउन होने पर मतदाताओं की नाराजगी उन पर भारी पड़ सकती है। इस फैसले से सांसदों को चुनाव प्रचार पर ध्यान केंद्रित करने की राहत मिली है, जबकि वित्तीय खर्च की बड़ी लड़ाई अब साल के अंत तक टल गई है।




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