चीन के केंद्रीय बैंक 'पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना' (पीबीओसी) ने शुक्रवार को बहुप्रतीक्षित मौद्रिक प्रोत्साहन पैकेज को औपचारिक रूप से लागू कर दिया। इसके तहत वित्तीय संस्थानों के अनिवार्य आरक्षित अनुपात (आरआरआर) में 50 आधार अंकों की कटौती और सात दिवसीय रिवर्स रेपो नीतिगत दर में 20 आधार अंकों की कमी प्रभावी हो गई है। इस समन्वित कदम से चीनी बैंकिंग प्रणाली में लगभग 10 खरब (1 लाख करोड़) युआन (लगभग 142 अरब डॉलर) की दीर्घकालिक नकदी जारी हुई है।
नए नियमों के तहत वाणिज्यिक बैंकों के लिए औसत आरक्षित अनुपात लगभग 7.0% से घटकर 6.6% पर आ गया है। इससे बैंकों के पास विनिर्माण, तकनीकी नवाचार और छोटे उद्योगों को सस्ता कर्ज देने के लिए भारी अतिरिक्त पूंजी उपलब्ध हो गई है। इसके साथ ही सात दिवसीय रिवर्स रेपो दर 1.70% से घटकर 1.50% हो गई है, जिससे अंतर-बैंक उधारी लागत में भारी कमी आएगी।
आर्थिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए ऐतिहासिक नकदी प्रवाह
केंद्रीय बैंक के गवर्नर पैन गोंगशेंग ने सप्ताह की शुरुआत में इस व्यापक मौद्रिक पैकेज की रूपरेखा प्रस्तुत की थी। उन्होंने संकेत दिया था कि यदि अर्थव्यवस्था को और अधिक समर्थन की आवश्यकता हुई तो वर्ष के अंत से पहले आरआरआर में 25 से 50 आधार अंकों की एक और कटौती की जा सकती है। बीजिंग का यह आक्रामक रुख 5% के वार्षिक आर्थिक विकास लक्ष्य को हासिल करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
जारी की गई नकदी का एक बड़ा हिस्सा चीन के संकटग्रस्त रियल एस्टेट क्षेत्र को उबारने के उद्देश्य से दिया जाएगा। केंद्रीय बैंक ने बैंकों को मौजूदा गृह ऋणों पर ब्याज दरों में औसतन 50 आधार अंकों की कटौती करने का निर्देश दिया है। साथ ही दूसरे मकान की खरीद के लिए न्यूनतम डाउन पेमेंट की सीमा को 25% से घटाकर 15% कर दिया गया है, जिससे लाखों मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी।
“हमारे व्यापक मौद्रिक प्रोत्साहन पैकेज का यह त्वरित कार्यान्वयन वास्तविक अर्थव्यवस्था को समर्थन देने और संपत्ति क्षेत्र की बुनियादी स्थिति को स्थिर करने के लिए पर्याप्त बैंकिंग तरलता सुनिश्चित करता है।”
रियल एस्टेट क्षेत्र को राहत और घरेलू शेयर बाजारों में भारी उछाल
इन उपायों के लागू होने से घरेलू और वैश्विक वित्तीय बाजारों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। शंघाई और शेनझेन के ब्लू-चिप शेयरों वाले सीएसआई 300 इंडेक्स और हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स में पिछले एक दशक से अधिक समय की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने चीनी शेयरों में बड़े पैमाने पर खरीदारी की।
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि मौद्रिक नीति में ढील से बाजार की धारणा को त्वरित सहारा मिला है, लेकिन दीर्घकालिक स्थिरता के लिए सरकार को राजकोषीय पैकेज भी देना होगा। उम्मीद की जा रही है कि नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति अगले महीने विशेष सॉवरेन बॉन्ड जारी करने की मंजूरी देगी, जिससे बुनियादी ढांचे और जन-कल्याणकारी योजनाओं पर सरकारी खर्च बढ़ाया जा सकेगा।




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