जापान की सत्तारूढ़ लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) के नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए प्रचार अभियान टोक्यो में अपने चरम पर पहुंच गया है। फंड घोटालों के चलते पद छोड़ रहे प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा के स्थान पर देश का नेतृत्व संभालने के लिए पूर्व रक्षा मंत्री शिगेरू इशिबा, आर्थिक सुरक्षा मंत्री सनाए ताकाइची और पूर्व पर्यावरण मंत्री शिंजीरो कोइज़ुमी के बीच कड़ा त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिल रहा है।

इस बार मैदान में रिकॉर्ड नौ उम्मीदवार हैं, जिससे पहली वरीयता के 736 मतों (368 सांसद और 368 पार्टी कार्यकर्ता) में से किसी भी नेता को पहले दौर में 50 प्रतिशत से अधिक मत मिलने की संभावना लगभग शून्य है। विश्लेषकों का मानना है कि शुक्रवार को शीर्ष दो उम्मीदवारों के बीच रनऑफ मतदान होगा।

सांसदों के बीच गहन जोड़-तोड़ और दूसरे दौर के मतदान की निश्चितता

67 वर्षीय इशिबा पांचवीं बार किस्मत आजमा रहे हैं और ग्रामीण क्षेत्रों तथा जमीनी कार्यकर्ताओं के बीच सबसे लोकप्रिय हैं। वे आपदा प्रबंधन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के पुनरुद्धार पर बल दे रहे हैं।

दिवंगत प्रधानमंत्री शिंजो आबे की करीबी मानी जाने वाली राष्ट्रवादी नेता सनाए ताकाइची रूढ़िवादी सांसदों का मजबूत समर्थन जुटा रही हैं। यदि वे जीतती हैं, तो वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री बनकर इतिहास रचेंगी।

“लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को राजनीतिक सुधारों, आर्थिक पुनरुद्धार और दृढ़ राष्ट्रीय सुरक्षा के माध्यम से जनता का विश्वास दोबारा हासिल करना होगा।”

अर्थव्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और पार्टी सुधार पर उम्मीदवारों के दृष्टिकोण

दूसरी ओर, 43 वर्षीय शिंजीरो कोइज़ुमी पीढ़ीगत बदलाव और पार्टी के त्वरित आधुनिकीकरण का वादा कर रहे हैं तथा जीतने पर संसद भंग कर मध्यावधि चुनाव कराने के पक्ष में हैं।

संसद में एलडीपी गठबंधन को भारी बहुमत प्राप्त होने के कारण, पार्टी का नया अध्यक्ष ही स्वतः जापान का अगला प्रधानमंत्री बनेगा, जिसे अगले सप्ताह संसद की औपचारिक मंजूरी मिलेगी।

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