पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले के खोयरासोल ब्लॉक में स्थित गंगारामचक-भदूलिया ओपन-कास्ट कोयला खदान में सोमवार सुबह ब्लास्टिंग कार्य के दौरान हुए एक भीषण विस्फोट में कम से कम छह श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा उस समय हुआ जब खदान में नियमित ड्रिलिंग और ब्लास्टिंग की तैयारी चल रही थी। उसी दौरान भारी मात्रा में डेटोनेटर और बारूद ले जा रहा एक ट्रक अचानक धमाके के साथ उड़ गया, जिससे वाहन के परखच्चे उड़ गए और खदान में मलबा गिर पड़ा।
गंगारामचक-भदूलिया कोयला खदान में भीषण विस्फोट से मची तबाही
धमाके की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और साथी मजदूर मौके पर पहुंचे। इसके बाद सूरी से पुलिस और राज्य आपदा प्रबंधन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत व बचाव कार्य शुरू किया।
यह कोयला खदान पश्चिम बंगाल पावर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डब्ल्यूबीपीडीसीएल) के अधीन है, जो राज्य के ताप विद्युत संयंत्रों को कोयले की आपूर्ति करती है। हादसे के तुरंत बाद खदान में सभी परिचालन कार्य रोक दिए गए।
“We have initiated a thorough high-level investigation into how the detonator truck exploded during routine mining operations. Strict accountability will be enforced for any safety protocol lapses.” — Bidhan Roy, District Magistrate of Birbhum
खान सुरक्षा महानिदेशालय की जांच और पीड़ितों को सरकारी सहायता
खान सुरक्षा महानिदेशालय (डीजीएमएस) के उच्च अधिकारियों की एक टीम मौके पर पहुंची है, जो इस बात की जांच कर रही है कि क्या विस्फोटकों के परिवहन और रखरखाव में सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और होमगार्ड की नौकरी देने की घोषणा की, जबकि बिजली निगम ने 30 लाख रुपये का अतिरिक्त मुआवजा देने का ऐलान किया।
Frequently Asked Questions
कोयला खदान में विस्फोट का क्या कारण था?
ओपन-कास्ट खदान में नियमित ब्लास्टिंग के लिए विस्फोटक ले जा रहा एक ट्रक अचानक भीषण धमाके के साथ फट गया।
पीड़ित परिवारों को क्या राहत दी गई है?
राज्य सरकार और बिजली निगम ने कुल 32 लाख रुपये का मुआवजा और प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की घोषणा की है।





Comments (0)
Log in to join the discussion.