इजरायली लड़ाकू विमानों ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगर दहिएह में एक सटीक हवाई हमला किया, जिसमें हिजबुल्लाह की विशिष्ट राडवान फोर्स का प्रमुख कमांडर इब्राहिम अकील मारा गया। यह हमला दोनों पक्षों के बीच पिछले दो दशकों के सबसे बड़े टकराव का संकेत है।

लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय ने पुष्टि की कि हमले में एक बहुमंजिला आवासीय इमारत ढहने से कम से कम 14 लोगों की मौत हो गई और 66 से अधिक लोग घायल हो गए। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है।

हिजबुल्लाह के सैन्य नेतृत्व पर बड़ा प्रहार

इब्राहिम अकील हिजबुल्लाह की सर्वोच्च सैन्य परिषद यानी जिहाद काउंसिल का वरिष्ठ सदस्य था। अमेरिका 1983 के बेरूत दूतावास और मरीन बैरक हमलों के मामले में कई दशकों से उसकी तलाश कर रहा था और उस पर 70 लाख डॉलर का इनाम घोषित था।

इजरायली सेना के अनुसार, अकील आवासीय इमारत के नीचे एक भूमिगत बंकर में राडवान फोर्स के फील्ड कमांडरों के साथ बैठक कर रहा था। इजरायली खुफिया एजेंसियों का दावा है कि इस बैठक में उत्तरी इजरायल में जमीनी हमले की रणनीति तैयार की जा रही थी।

“हमने इब्राहिम अकील और राडवान फोर्स के शीर्ष कमांडरों को निशाना बनाया, जो भूमिगत कमरे में एकत्र होकर नागरिकों पर हमलों की योजना बना रहे थे।”

बढ़ते हताहत और क्षेत्रीय संघर्ष का खतरा

यह घातक हमला उस समय हुआ है जब कुछ ही दिन पहले लेबनान में पेजर और वायरलेस वॉकी-टॉकी में सिलसिलेवार विस्फोट हुए थे, जिसमें 37 लोगों की जान चली गई थी और हजारों घायल हो गए थे।

संयुक्त राष्ट्र ने इस हमले पर गहरी चिंता जताते हुए दोनों पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने की अपील की है, क्योंकि यह तनाव पूरे मध्य पूर्व को एक व्यापक और विनाशकारी युद्ध में झोंक सकता है।

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