प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के ऐतिहासिक चंद्रयान-4 मून सैंपल रिटर्न मिशन को आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
अगस्त 2023 में चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद भारत अब चांद से नमूने धरती पर लाने की तैयारी में जुट गया है।
चंद्रमा से नमूने लाने की जटिल तकनीक
चंद्रयान-4 चंद्रमा की सतह पर उतरकर वहां से नमूने एकत्र करेगा और फिर सफलतापूर्वक पृथ्वी पर वापस लौटेगा। इस पूरे मिशन के लिए 2,104 करोड़ रुपये की वित्तीय मंजूरी दी गई है।
इस मिशन को 36 महीनों के भीतर पूरा करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
“यह ऐतिहासिक निर्णय भारत के बहु-वर्षीय अंतरिक्ष लक्ष्यों और चंद्र अन्वेषण को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।”
शुक्रयान और नया हेवी-लिफ्ट रॉकेट एनजीएलवी
मंत्रिमंडल ने इसके साथ ही शुक्र ग्रह के अध्ययन के लिए ₹1,236 करोड़ के शुक्रयान मिशन और नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्च व्हीकल (NGLV) के विकास को भी मंजूरी दी।
इसरो ने कहा कि यह कदम 2035 तक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन और 2040 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजने के लक्ष्य को साकार करने में सहायक होगा।




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