संयुक्त राष्ट्र महासभा ने आज न्यूयॉर्क में एक ऐतिहासिक पूर्ण सत्र के दौरान फिलिस्तीन के राजनयिक अधिकारों को विस्तारित करने वाले प्रस्ताव को भारी बहुमत से पारित कर दिया। इसके पक्ष में 124 और विरोध में 14 मत पड़े।

इस नए प्रस्ताव के बाद फिलिस्तीनी प्रतिनिधि अब महासभा हॉल में अन्य संप्रभु सदस्य देशों के साथ वर्णानुक्रम में बैठेंगे और सीधे प्रस्ताव पेश कर सकेंगे।

बहुपक्षीय कूटनीति और मतदान का स्वरूप

यद्यपि यह प्रस्ताव संयुक्त राष्ट्र की पूर्ण सदस्यता नहीं देता, जिसके लिए सुरक्षा परिषद की मंजूरी जरूरी है, लेकिन यह वैश्विक समर्थन का एक बड़ा प्रतीक है।

अमेरिका और इजरायल ने इसके विरोध में मतदान किया, जबकि फ्रांस, स्पेन और आयरलैंड जैसे प्रमुख यूरोपीय देशों ने इसके समर्थन में वोट दिया।

“यह मतदान केवल राजनयिक नियमों का मामला नहीं है, बल्कि दो-राष्ट्र समाधान और अंतरराष्ट्रीय न्याय के प्रति वैश्विक प्रतिबद्धता है।”

आगामी उच्चस्तरीय सत्र पर प्रभाव

फिलिस्तीनी राजदूत रियाद मंसूर ने परिणाम के बाद कहा कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय कानून और शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह नई व्यवस्था अगले सप्ताह शुरू होने वाली वार्षिक संयुक्त राष्ट्र उच्चस्तरीय आम बहस से ठीक पहले लागू हो जाएगी।

Sources