इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो ने पश्चिम नुसा तेंगारा प्रांत के पश्चिम सुम्बावा में पीटी अम्मान मिनरल इंटरनेशनल के 1.4 अरब डॉलर (21 ट्रिलियन रुपिया) के तांबा स्मेल्टर और बहुमूल्य धातु रिफाइनरी का उद्घाटन किया है। ऊर्जा और खनिज संसाधन मंत्री बहलिल लहादालिया तथा राजकीय उद्यम मंत्री एरिक थोहिर की उपस्थिति में संपन्न यह उद्घाटन राष्ट्रपति विडोडो के एक दशक लंबे औद्योगिक डाउनस्ट्रीमिंग ('हिलिरिसासी') अभियान की एक बड़ी उपलब्धि है।
बाटू हिजाउ तांबा और स्वर्ण खदान के पास निर्मित इस स्मेल्टर की वार्षिक प्रसंस्करण क्षमता 9,00,000 मीट्रिक टन तांबा सांद्र (कॉपर कंसंट्रेट) की है। उन्नत डबल-फ्लैश स्मेल्टिंग तकनीक का उपयोग करते हुए यह संयंत्र प्रतिवर्ष 99.99 प्रतिशत शुद्धता वाले लगभग 2,22,000 टन कॉपर कैथोड के साथ-साथ सह-उत्पाद के रूप में 8,30,000 टन सल्फ्यूरिक एसिड का उत्पादन करेगा।
बहुमूल्य धातुओं का शोधन और घरेलू मूल्य संवर्धन
तांबा कैथोड के अतिरिक्त, परिसर में स्थापित प्रेशियस मेटल्स रिफाइनरी (PMR) प्रतिवर्ष 18 टन शुद्ध सोने की ईंटें, 55 टन शुद्ध चांदी और 77 टन सेलेनियम का उत्पादन करेगी। इससे पहले इंडोनेशिया बड़ी मात्रा में कच्चा तांबा सांद्र विदेशों में निर्यात करता था, जिससे रिफाइनिंग का मुनाफा और सह-उत्पाद विदेशी संयंत्रों को मिलते थे।
उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति विडोडो ने कहा कि इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था को कच्चे माल के निर्यात पर निर्भरता से निकालकर औद्योगिक विनिर्माण और प्रसंस्करण आधारित अर्थव्यवस्था में बदलना अनिवार्य है। निकेल और बॉक्साइट के घरेलू प्रसंस्करण की सफलता के बाद अब तांबा इस औद्योगिक परिवर्तन का अगला प्रमुख स्तंभ बन गया है।
“दशकों तक इंडोनेशिया ने न्यूनतम घरेलू मूल्य के साथ कच्चे खनिज अयस्क का निर्यात किया। आज के कॉपर स्मेल्टर परिचालन यह सुनिश्चित करते हैं कि औद्योगिक मूल्य संवर्धन, कुशल नौकरियां और राज्य का राजस्व इंडोनेशिया में ही रहे।”
वैश्विक विद्युतीकरण और ईवी आपूर्ति श्रृंखला को सहयोग
पश्चिम सुम्बावा के इस नए संयंत्र और पूर्वी जावा के ग्रेसिक में फ्रीपोर्ट इंडोनेशिया के 3.7 अरब डॉलर के स्मेल्टर के शुरू होने से इंडोनेशिया के पास सालाना लगभग 30 लाख टन तांबा सांद्र को देश के भीतर ही शुद्ध करने की क्षमता हो गई है। इससे कॉपर फॉयल, पावर केबल, इलेक्ट्रिक वाहन मोटर और नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के घरेलू निर्माण को सीधा लाभ मिलेगा।
स्थानीय अधिकारियों ने अनुमान जताया है कि इस स्मेल्टर के पूर्ण व्यावसायिक संचालन से क्षेत्रीय लघु एवं मध्यम उद्यमों, बंदरगाह लॉजिस्टिक्स और तकनीकी संस्थानों को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा, साथ ही स्वच्छ ऊर्जा धातुओं के वैश्विक केंद्र के रूप में इंडोनेशिया की स्थिति और मजबूत होगी।




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