क्लाउड कंप्यूटिंग बाजार में वर्चस्व की लड़ाई एक नए कानूनी मोड़ पर पहुंच गई है। गूगल क्लाउड ने बुधवार को ब्रुसेल्स स्थित यूरोपीय आयोग में माइक्रोसॉफ्ट के खिलाफ एक ऐतिहासिक औपचारिक अविश्वास शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि माइक्रोसॉफ्ट अपने लोकप्रिय सॉफ्टवेयरों के लाइसेंस नियमों में भेदभाव कर यूरोपीय व्यवसायों को अपनी अजूर क्लाउड सेवा का उपयोग करने के लिए मजबूर कर रहा है।
विस्तृत शिकायत पत्र के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट ने 2019 में लाइसेंसिंग नियमों में ऐसे बदलाव किए जिससे प्रतिस्पर्धी क्लाउड प्रदाताओं—जैसे गूगल क्लाउड और एडब्ल्यूएस—पर विंडोज सर्वर और माइक्रोसॉफ्ट 365 जैसे सॉफ्टवेयर चलाना 400 प्रतिशत तक महंगा हो गया। ग्राहकों को अपने मौजूदा सॉफ्टवेयर लाइसेंस दूसरे क्लाउड पर ले जाने के लिए भारी अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ता है।
डिजिटल लॉक-इन और 400 प्रतिशत अतिरिक्त मूल्य निर्धारण का आरोप
गूगल क्लाउड के उपाध्यक्ष अमित ज़ावेरी ने ब्रुसेल्स में पत्रकारों को बताया कि यह रणनीति यूरोपीय कंपनियों के लिए एक डिजिटल जेल की तरह काम करती है। गूगल द्वारा कराए गए एक स्वतंत्र अध्ययन में अनुमान लगाया गया है कि इन अनुचित लाइसेंसिंग प्रतिबंधों के कारण यूरोपीय व्यवसायों और सरकारी विभागों पर हर साल 1 अरब यूरो (लगभग 1.1 अरब डॉलर) का अनुचित वित्तीय भार पड़ रहा है।
यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब यूरोपीय संघ बड़ी तकनीकी कंपनियों के एकाधिकार को रोकने के लिए डिजिटल मार्केट्स एक्ट लागू कर रहा है। उल्लेखनीय है कि गूगल ने जुलाई में यूरोपीय क्लाउड संघ सीआईएसपीई और माइक्रोसॉफ्ट के बीच हुए 2.2 करोड़ यूरो के गुप्त समझौते का हिस्सा बनने से इनकार कर दिया था, क्योंकि उनका मानना था कि इससे बाजार की मूलभूत समस्याएं हल नहीं होंगी।
“Microsoft's licensing restrictions act as a digital lock-in that restricts European businesses from choosing rival cloud providers, stifling fair market competition and innovation across the continent.”
यूरोपीय संघ के नियामक नियमों के तहत जांच की संभावनाएं
माइक्रोसॉफ्ट ने आरोपों को खारिज करते हुए अपने बचाव में कहा कि उसने हमेशा स्वतंत्र यूरोपीय क्लाउड कंपनियों की चिंताओं को सुलझाने के लिए सहयोगात्मक रुख अपनाया है। कंपनी के प्रवक्ता ने विश्वास जताया कि यूरोपीय आयोग गूगल की इस शिकायत को खारिज कर देगा, जो केवल बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए नियामक तंत्र का सहारा ले रही है।
यूरोपीय आयोग के प्रतिस्पर्धा नियामक ने शिकायत मिलने की पुष्टि की है और कहा है कि वे तथ्यों की समीक्षा करेंगे। यदि औपचारिक जांच शुरू होती है, तो माइक्रोसॉफ्ट पर लाइसेंसिंग नियमों को बाध्यकारी रूप से बदलने या वैश्विक कारोबार पर भारी वित्तीय जुर्माना लगाने की कार्रवाई की जा सकती है।




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