चीन के शीर्ष नेतृत्व ने देश की अर्थव्यवस्था को सुस्ती से उबारने और रियल एस्टेट बाजार में जारी गिरावट को रोकने के लिए भारी-भरकम राजकोषीय प्रोत्साहन देने का संकल्प लिया है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित कम्युनिस्ट पार्टी पोलितब्यूरो की अनपेक्षित उच्चस्तरीय बैठक में स्वीकार किया गया कि अर्थव्यवस्था नए दबावों का सामना कर रही है। नेतृत्व ने चालू वर्ष के लिए लगभग 5 प्रतिशत के वार्षिक जीडीपी वृद्धि लक्ष्य को हासिल करने पर बल दिया।

यह बैठक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना द्वारा मौद्रिक नीति में व्यापक ढील दिए जाने के ठीक बाद हुई है। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि बीजिंग 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद पहली बार मौद्रिक और राजकोषीय दोनों मोर्चों पर एक साथ तालमेल बिठाकर बड़े उपाय लागू कर रहा है। बयान में साफ कहा गया कि सामाजिक कल्याण और घरेलू मांग को सहारा देने के लिए आवश्यक सरकारी खर्च सुनिश्चित किया जाएगा।

शीर्ष नेतृत्व की आपात बैठक से आर्थिक नीतियों में बड़े बदलाव का संकेत

पोलितब्यूरो के प्रमुख फैसलों में बुनियादी ढांचे और उपभोक्ता वस्तुओं के नवीनीकरण के वित्तपोषण के लिए विशेष संप्रभु बांड जारी करना शामिल है। इसमें निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों, कॉलेज स्नातकों और प्रवासी श्रमिकों को सीधी सहायता देने का प्रस्ताव है, जो बुनियादी ढांचे से इतर घरेलू उपभोग को प्राथमिकता देने का नया संकेत है।

बीते तीन वर्षों से संकट में घिरे प्रॉपर्टी सेक्टर को लेकर पोलितब्यूरो ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि नए व्यावसायिक आवास निर्माण पर नियंत्रण रखा जाएगा और मौजूदा इन्वेंट्री को दुरुस्त किया जाएगा। साथ ही, अनुमोदित 'व्हाइट लिस्ट' परियोजनाओं को बैंकों से ऋण दिलाकर अटके पड़े फ्लैटों का निर्माण कार्य पूरा कराया जाएगा।

“हमें वर्तमान आर्थिक स्थिति को व्यापक और शांत दृष्टिकोण से देखना चाहिए, कठिनाइयों का सीधे सामना करना चाहिए और अपने वार्षिक आर्थिक लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक राजकोषीय व्यय जारी करना चाहिए।”

प्रॉपर्टी बाजार की गिरावट को थामना और घरेलू उपभोग को नई ऊर्जा देना

पोलितब्यूरो की इस घोषणा के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। शंघाई, शेनझेन और हांगकांग के शेयर बाजारों में लगभग दो दशकों की सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त दर्ज की गई, जबकि तांबा और लौह अयस्क जैसी औद्योगिक कमोडिटी की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी उछाल आया।

अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्रियों का मानना है कि पोलितब्यूरो का यह रुख अत्यंत सकारात्मक है, लेकिन वास्तविक प्रभाव वित्त मंत्रालय द्वारा जारी किए जाने वाले वास्तविक फंड आवंटन पर निर्भर करेगा। उम्मीद है कि आगामी हफ्तों में नेशनल पीपुल्स कांग्रेस की स्थायी समिति कई ट्रिलियन युआन के विशेष ऋण कोटे को आधिकारिक मंजूरी देगी।

Sources