भारतीय शेयर बाजारों ने गुरुवार को एक बार फिर नया इतिहास रच दिया, जब दलाल स्ट्रीट पर जारी तेजी के सिलसिले में प्रमुख सूचकांक रिकॉर्ड ऊंचाइयों पर पहुंच गए। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 666.25 अंक यानी 0.78 प्रतिशत की छलांग लगाकर 85,836.12 के सर्वकालिक उच्च स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स ने 85,930.43 का नया इंट्राडे रिकॉर्ड भी बनाया। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 50 सूचकांक 211.90 अंक यानी 0.81 प्रतिशत की बढ़त के साथ 26,216.05 के ऐतिहासिक स्तर पर बंद हुआ।
यह लगातार छठा कारोबारी सत्र था जब भारतीय बाजारों में तेजी दर्ज की गई। विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने गुरुवार को भारतीय इक्विटी में 2,400 करोड़ रुपये से अधिक की शुद्ध लिवाली की। इसके साथ ही घरेलू संस्थागत निवेशकों और म्यूचुअल फंड एसआईपी (SIP) के जरिए घरेलू निवेशकों की निरंतर पूंजी आवक ने बाजार को मजबूत सहारा दिया।
अमेरिकी फेड की दर कटौती और चीनी प्रोत्साहन से विदेशी निवेशकों की भारी लिवाली
बाजार में यह तेजी घरेलू आर्थिक स्थिरता और अनुकूल वैश्विक संकेतों के मेल से आई है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 50 आधार अंकों की कटौती और चीन द्वारा घोषित बड़े मौद्रिक व राजकोषीय प्रोत्साहन पैकेजों ने उभरते एशियाई बाजारों में निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ा दिया है।
सेंसेक्स की तेजी में मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज शेयरों की प्रमुख भूमिका रही। चौतरफा खरीदारी के चलते बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पहली बार 475 लाख करोड़ रुपये (लगभग 5.68 ट्रिलियन डॉलर) के पार पहुंच गया।
“दलाल स्ट्रीट पर यह तेजी मजबूत घरेलू नकदी, सकारात्मक वैश्विक संकेतों और भारत के विनिर्माण व उपभोग पर निवेशकों के भरोसे से संचालित हो रही है।”
बैंकिंग, आईटी और ऑटो शेयरों में चौतरफा उछाल; 475 लाख करोड़ के पार मार्केट कैप
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी मजबूती बनी रही। बाजार विश्लेषकों का कहना है कि भारत की मजबूत मैक्रोइकॉनॉमिक बुनियाद—चालू वित्त वर्ष में 6.7 प्रतिशत की संभावित जीडीपी वृद्धि, नियंत्रित चालू खाता घाटा और बढ़ता कर संग्रह—वैश्विक स्तर पर भारत को सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य बना रही है।
डेरिवेटिव्स बाजार के आंकड़ों के अनुसार 26,000 और 26,100 के स्ट्राइक स्तरों पर पुट राइटिंग से निफ्टी को नीचे मजबूत समर्थन मिल रहा है। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं, तो निफ्टी जल्द ही 26,500 के मनोवैज्ञानिक स्तर को छू सकता है और सेंसेक्स 87,000 के मील के पत्थर की ओर बढ़ सकता है।




Comments (0)
Log in to join the discussion.