बैंक ऑफ जापान के गवर्नर काज़ुओ उएदा ने 23 सितंबर, 2026 को ओसाका में व्यापारिक नेताओं को संबोधित करते हुए संकेत दिया कि केंद्रीय बैंक पर निकट भविष्य में ब्याज दरें बढ़ाने का कोई तात्कालिक दबाव नहीं है। बेंचमार्क ब्याज दर को 0.25% पर स्थिर रखने के हालिया फैसले के बाद बोलते हुए, उएदा ने जोर देकर कहा कि नीति निर्माताओं के पास विदेशी आर्थिक अनिश्चितताओं और घरेलू कीमतों की प्रवृत्ति का विश्लेषण करने के लिए पर्याप्त समय है।
गवर्नर ने रेखांकित किया कि हाल के हफ्तों में जापानी येन में डॉलर के मुकाबले आए सुधार ने देश के मुद्रास्फीति परिदृश्य को बदल दिया है। येन के मजबूत होने से आयातित कच्चे तेल, खाद्यान्न और धातुओं की लागत घटी है, जिससे मुद्रास्फीति के 2% के सतत लक्ष्य से बहुत अधिक बढ़ जाने का तात्कालिक खतरा टल गया है।
मुद्रा स्थिरता से आयातित मुद्रास्फीति का जोखिम कम हुआ
अगस्त की शुरुआत में वैश्विक बाजारों में आई अस्थिरता और करेंसी कैरी ट्रेड में कमी के बाद, उएदा ने कहा कि मौद्रिक नीति को अब अंतरराष्ट्रीय वृहद आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता देनी चाहिए। विशेष रूप से, उन्होंने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता का उल्लेख किया, जहां फेडरल रिजर्व ने 50 आधार अंकों की ब्याज दर कटौती के साथ मौद्रिक ढील का चक्र शुरू किया है।
उएदा ने कहा कि केंद्रीय बैंक को यह मूल्यांकन करने की आवश्यकता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मंदी की ओर जा रही है या सुचारू गति से संभलेगी, क्योंकि इसका सीधा असर जापानी निर्यात और कॉरपोरेट मुनाफे पर पड़ेगा। परिणामस्वरूप, बीओजे किसी निश्चित कैलेंडर के बजाय आंकड़ों के आधार पर प्रत्येक आगामी बैठक में स्थिति की समीक्षा करेगा।
“हमें फिलहाल विदेशी आर्थिक स्थितियों और वित्तीय बाजारों के घटनाक्रम पर पूरी सतर्कता बरतनी होगी। येन के मजबूत होने से मुद्रास्फीति के बेकाबू होने का जोखिम कम हुआ है, जिससे हमें इन कारकों का बारीकी से अध्ययन करने का समय मिल गया है।”
फेडरल रिजर्व की नीति और घरेलू वेतन वृद्धि की दिशा
घरेलू मोर्चे पर गवर्नर ने वेतन वार्ताओं में 5% से अधिक की वृद्धि की सराहना की, जो तीन दशकों का रिकॉर्ड है। हालांकि, उन्होंने आगाह किया कि सेवा क्षेत्र में कीमतों का समायोजन अभी भी असमान है और छोटे तथा मध्यम उद्योग बढ़ी हुई मजदूरी लागत का बोझ पूरी तरह से उपभोक्ताओं पर डालने में असमर्थ हैं।
तोक्यो के वित्तीय बाजारों में उएदा के इस बयान के बाद अक्टूबर में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की उम्मीदें काफी कम हो गई हैं। 10-वर्षीय जापानी सरकारी बॉन्ड की यील्ड में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जबकि निवेशकों ने अब दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 की बैठकों पर अपनी निगाहें टिका दी हैं।




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