खगोल भौतिकी के इतिहास में एक युगांतरकारी खोज करते हुए अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों के एक दल ने ब्रह्मांड में किसी आकाशगंगा से उत्पन्न अब तक की सबसे विशाल संरचना की पहचान की है। ग्रीक पौराणिक कथाओं के दानव के नाम पर 'पोर्फिरियन' नाम की यह प्लाज्मा जेट प्रणाली 2.3 करोड़ प्रकाश वर्ष (7 मेगापारसेक) के अकल्पनीय दायरे में फैली हुई है, जो 140 मिल्की वे आकाशगंगाओं को एक कतार में रखने के बराबर है।

नेचर पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन का नेतृत्व कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (Caltech) और लीडेन ऑब्जर्वेटरी के शोधकर्ताओं ने किया। यह जेट पृथ्वी से 7.5 अरब प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक ऐसी आकाशगंगा से निकल रहा है जो हमारी मिल्की वे से दस गुना अधिक भारी है। जब यह प्रकाश उत्सर्जित हुआ था, तब ब्रह्मांड की आयु वर्तमान की तुलना में आधी से भी कम थी।

140 मिल्की वे आकाशगंगाओं जितना विशाल ब्रह्मांडीय दैत्य

पोर्फिरियन ने इससे पहले 2022 में खोजे गए 1.6 करोड़ प्रकाश वर्ष लंबे 'अलसायोनियस' के रिकॉर्ड को बहुत पीछे छोड़ दिया है। इस खोज को यूरोप के आठ देशों में फैले 'लो-फ्रीक्वेंसी एरे' (LOFAR) रेडियो टेलीस्कोप नेटवर्क की मदद से संभव बनाया गया, जिसकी पुष्टि भारत के जाइंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप (GMRT) और हवाई के केक वेधशाला द्वारा की गई।

वैज्ञानिकों का अनुमान है कि ब्लैक होल में खिंचे जा रहे पदार्थों के कारण यह जेट लगभग एक अरब वर्षों से लगातार सक्रिय है। इस जेट से निकलने वाली कुल ऊर्जा खरबों सूर्यों की संयुक्त शक्ति के बराबर है, जो अपनी मूल आकाशगंगा के गुरुत्वाकर्षण से बाहर निकलकर अंतर-आकाशगंगीय शून्यता में चुंबकीय क्षेत्र फैला रही है।

“खगोलविद पहले ब्लैक होल जेट्स को केवल उनकी आकाशगंगाओं तक सीमित घटना मानते थे। पोर्फिरियन ने सिद्ध किया है कि ये किरणें पूरे कॉस्मिक वेब के पैमाने को प्रभावित कर सकती हैं।”

कॉस्मिक वेब का चुंबकत्व और आकाशगंगाओं के विकास का नया अध्याय

पोर्फिरियन के इस अभूतपूर्व आकार ने मौजूदा ब्रह्मांडीय मॉडलों के सामने गंभीर सैद्धांतिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। पुराने सिद्धांतों का मानना था कि आरंभिक ब्रह्मांड में उच्च दबाव के कारण इतने बड़े जेट जल्दी बिखर जाने चाहिए थे, लेकिन पोर्फिरियन साबित करता है कि प्लाज्मा किरणें अरबों साल तक संगठित रह सकती हैं।

इस खोज से यह भी पता चलता है कि प्राचीन ब्रह्मांड में ऐसे कई विशालकाय जेट सक्रिय रहे होंगे जिन्होंने ब्रह्मांडीय तारों और गैसों के घनत्व को प्रभावित किया। इससे खगोलविदों को कॉस्मिक वेब की उत्पत्ति और चुंबकीयकरण को बेहतर ढंग से समझने में बड़ी मदद मिलेगी।

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