दक्षिण अमेरिका के वर्षावनों पर गहराया पर्यावरणीय संकट इस सप्ताह और गंभीर हो गया, जब ब्राजील के भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (SGB) ने पुष्टि की कि मनौस बंदरगाह पर रियो नीग्रो का जलस्तर 14 मीटर के खतरनाक निशान से नीचे गिर गया है। अमेज़न बेसिन के आधुनिक इतिहास में यह अब तक का सबसे भयावह सूखा है, जिसने जल परिवहन को पूरी तरह बाधित कर दिया है।

जलवैज्ञानिक स्टेशनों ने दर्ज किया है कि नदी का जलस्तर प्रतिदिन 25 सेंटीमीटर की दर से घट रहा है। यह स्तर 2023 में बने 12.70 मीटर के सर्वकालिक निचले रिकॉर्ड के करीब पहुंच रहा है। इसके चलते मालवाहक जहाजों के मनौस के औद्योगिक क्षेत्र तक पहुंचने पर रोक लगानी पड़ी है।

जलमार्ग पूरी तरह ठप और नदी किनारे बसे गांवों का संकट

अमेज़ोनस राज्य सरकार ने अपनी सभी 62 नगरपालिकाओं में पर्यावरणीय आपातकाल लागू कर दिया है। 3,30,000 से अधिक पारंपरिक नदी किनारे रहने वाले और आदिवासी लोग पूरी तरह अलग-थलग पड़ गए हैं, क्योंकि नदियां और नहरें दलदली कीचड़ और रेत के विशाल मैदानों में बदल चुकी हैं।

ब्राजील के नागरिक सुरक्षा विभाग और सशस्त्र बलों ने प्रभावित बस्तियों तक राहत पहुंचाने के लिए हवाई जहाजों और छोटी नौकाओं का इस्तेमाल शुरू किया है। भीषण 40 डिग्री सेल्सियस तापमान के बीच ग्रामीण पीने के पानी के लिए मीलों तक तपती रेत पर चलने को मजबूर हैं।

“This is the most severe and widespread drought recorded in the modern history of the Amazon basin. River ecosystems and hundreds of riverine communities are facing unprecedented crises.”

पारिस्थितिकी तबाही और राहत सामग्री पहुंचाने का अभियान

इस सूखे से नदी का पारिस्थितिकी तंत्र बुरी तरह तबाह हो गया है। उथली झीलों और धाराओं का तापमान 38 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है, जिससे लाखों मछलियों की मौत हो गई है और दुर्लभ अमेज़न गुलाबी डॉल्फ़िन (बोटो) के अस्तित्व पर भारी खतरा मंडरा रहा है।

जलवायु वैज्ञानिकों का मानना है कि लगातार अल नीनो प्रभाव, उत्तरी अटलांटिक महासागर का असामान्य रूप से गर्म होना और वनों की अंधाधुंध कटाई इस गंभीर संकट के मुख्य कारण हैं। नवंबर के अंत से पहले बारिश की कोई संभावना न होने के कारण यह आपदा आने वाले हफ्तों में और विकराल हो सकती है।

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