ब्रिटेन की उप प्रधानमंत्री एंजेला रेनर और व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने गुरुवार को ब्रिटिश संसद में ऐतिहासिक 'एम्प्लॉयमेंट राइट्स बिल' पेश किया, जिससे सत्ता में आने के 100 दिनों के भीतर श्रमिक अधिकारों को मजबूत करने का लेबर पार्टी का प्रमुख चुनावी वादा पूरा हुआ।
सरकार द्वारा एक पीढ़ी में ब्रिटिश श्रम कानून का सबसे बड़ा बदलाव बताए जा रहे इस विधेयक में कुल 28 सुधार शामिल हैं, जिनका उद्देश्य लाखों कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा देना और कामकाजी परिस्थितियों को आधुनिक बनाना है।
शोषणकारी जीरो-आवर्स अनुबंध और फायर-एंड-रिहायर पर सख्त प्रतिबंध
इस कानून के केंद्र में शोषणकारी शून्य-घंटे (जीरो-आवर्स) अनुबंधों पर प्रतिबंध है, जिसके तहत अनियमित घंटों पर काम करने वाले श्रमिकों को 12 सप्ताह की संदर्भ अवधि के आधार पर निश्चित कामकाजी घंटों का अनुबंध पाने का कानूनी अधिकार मिलेगा।
इसके अतिरिक्त, विधेयक विवादास्पद 'फायर-एंड-रिहायर' प्रथा पर कड़ी रोक लगाता है, जिससे कर्मचारियों को कम वेतन या खराब शर्तों पर दोबारा रखने के लिए नौकरी से निकालना गैरकानूनी माना जाएगा।
“This landmark legislation delivers the biggest upgrade to workers' rights in a generation, turning the page on low-pay, insecure work while supporting productive businesses.” — Angela Rayner, Deputy Prime Minister of the United Kingdom
पहले दिन से कानूनी सुरक्षा और नई फेयर वर्क एजेंसी की स्थापना
नए प्रावधानों के तहत कर्मचारियों को नौकरी के पहले ही दिन से पैटर्निटी लीव, शोक अवकाश और अनुचित बर्खास्तगी से सुरक्षा मिलेगी, साथ ही वैधानिक बीमारी वेतन (सिक पे) के लिए तीन दिन की प्रतीक्षा अवधि समाप्त कर दी जाएगी।
नियमों के सख्त प्रवर्तन के लिए विधेयक एक नई 'फेयर वर्क एजेंसी' की स्थापना करेगा, और व्यापारिक संगठनों तथा ट्रेड यूनियनों के साथ परामर्श के बाद अधिकांश सुधार 2026 से पूरी तरह लागू होने की उम्मीद है।
Frequently Asked Questions
ब्रिटेन के रोजगार अधिकार विधेयक के मुख्य प्रावधान क्या हैं?
यह शोषणकारी जीरो-आवर्स कॉन्ट्रैक्ट पर रोक लगाता है, फायर-एंड-रिहायर को प्रतिबंधित करता है और पहले दिन से सिक पे व अवकाश के अधिकार देता है।
ब्रिटेन में नए श्रम सुधार कानून कब से लागू होंगे?
संसदीय मंजूरी और नियोक्ताओं के साथ व्यापक परामर्श के बाद अधिकांश कानूनी सुधार वर्ष 2026 में लागू किए जाएंगे।





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