जापान के नवनियुक्त प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने बुधवार को नेशनल डाइट के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा को आधिकारिक रूप से भंग कर दिया, जिससे 27 अक्टूबर को होने वाले ऐतिहासिक मध्यावधि आम चुनाव का मार्ग प्रशस्त हो गया। लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने और प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के मात्र आठ दिन बाद उठाया गया यह कदम युद्धोत्तर जापान के इतिहास में किसी नए प्रधानमंत्री द्वारा सबसे तेजी से किया गया संसद विघटन है।
टोक्यो स्थित संसद भवन में आयोजित विशेष सत्र के दौरान प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष फुकुशिरो नुकागा ने संविधान के अनुच्छेद 7 के तहत सम्राट का विघटन पत्र पढ़कर सुनाया। संसदीय परंपरा के अनुसार सभी सांसदों ने खड़े होकर तीन बार 'बंजई' का उद्घोष किया और इसके तुरंत बाद चुनावी अभियान की तैयारियों के लिए सदन खाली कर दिया गया।
संसद का ऐतिहासिक विघटन और 27 अक्टूबर का चुनावी कार्यक्रम
आधिकारिक चुनावी अभियान 15 अक्टूबर से शुरू होगा, जिससे सभी राजनीतिक दलों को प्रचार के लिए केवल बारह दिनों का सीमित समय मिलेगा। निचले सदन की कुल 465 सीटों पर मतदान होगा, जिनमें 289 एकल-सदस्यीय निर्वाचन क्षेत्र और 176 आनुपातिक प्रतिनिधित्व की सीटें शामिल हैं। यह चुनाव तय करेगा कि जापान में अगली सरकार किसकी बनेगी।
यह मध्यावधि चुनाव सत्तारूढ़ एलडीपी के भीतर छिपे गुप्त राजनीतिक चंदे के बड़े घोटाले के बाद कराया जा रहा है। इस घोटाले से उपजे जनआक्रोश को शांत करने के लिए प्रधानमंत्री इशिबा ने एक कड़ा फैसला लेते हुए उन सांसदों को पार्टी टिकट या आनुपातिक सूची में जगह देने से इनकार कर दिया है जो वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्त पाए गए थे।
“मैं जापानी जनता के सामने अपनी नई सरकार और राजनीति में विश्वास बहाल करने के संकल्प पर उनके प्रत्यक्ष निर्णय के लिए संसद को भंग कर रहा हूं।” — शिगेरु इशिबा, जापान के प्रधानमंत्री
राजनीतिक विश्वास की बहाली और आर्थिक पुनरुद्धार का एजेंडा
चुनावी बहस में राजनीतिक चंदे में पारदर्शिता के अलावा घरेलू महंगाई, ऊर्जा संकट और घटती वास्तविक मजदूरी प्रमुख मुद्दे होंगे। पूर्व प्रधानमंत्री योशिहिको नोडा के नेतृत्व वाली विपक्षी पार्टी कॉन्स्टिट्यूशनल डेमोक्रेटिक पार्टी सत्तारूढ़ गठबंधन को कड़ी टक्कर देने के लिए कर कटौती और सामाजिक सुरक्षा के वादों के साथ मैदान में उतरी है।
इशिबा ने स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं को पुनर्जीवित करने, रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने और पूर्वी एशिया में भू-राजनीतिक चुनौतियों का सामना करने के लिए सरकार को जनता के स्पष्ट समर्थन की आवश्यकता है। यह चुनाव जापानी राजनीति में सत्ता पक्ष की विश्वसनीयता के लिए एक बड़ा इम्तिहान साबित होगा।
Frequently Asked Questions
प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा ने संसद को समय से पहले क्यों भंग किया?
इशिबा ने पदभार संभालने के आठ दिन बाद राजनीतिक शुचिता और आर्थिक सुधारों पर जनता का सीधा विश्वास और जनादेश पाने के लिए संसद भंग की।
जापान में मध्यावधि चुनाव का मतदान कब आयोजित होगा?
आधिकारिक चुनाव प्रचार 15 अक्टूबर से शुरू होगा और देश भर में मतदान 27 अक्टूबर 2024 को संपन्न कराया जाएगा।





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