स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) गुरुवार को अपनी त्रैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक आयोजित करने जा रहा है। वित्तीय बाजारों और स्विस उद्योग जगत को उम्मीद है कि केंद्रीय बैंक लगातार तीसरी बार अपनी नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की घोषणा करेगा। मजबूत होते स्विस फ्रैंक को थामने की आवश्यकता अब बेहद गंभीर हो गई है।

अगस्त में स्विट्जरलैंड की वार्षिक खुदरा मुद्रास्फीति घटकर 1.1% पर आ गई है, जो केंद्रीय बैंक के 0% से 2% के सुरक्षित लक्ष्य दायरे के बिल्कुल भीतर है। इस कम महंगाई के चलते अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि एसएनबी की बेंचमार्क नीतिगत दर 1.25% से घटाकर 1.00% कर दी जाएगी, जबकि कुछ विश्लेषक 50 आधार अंकों की बड़ी कटौती की संभावना भी जता रहे हैं।

मजबूत मुद्रा से स्विस विनिर्माण और घड़ी उद्योग पर भारी दबाव

यूरोप में राजनीतिक अनिश्चितता और मध्य पूर्व में तनाव के चलते सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) के रूप में स्विस फ्रैंक की मांग बहुत बढ़ गई है। इससे फ्रैंक यूरो और डॉलर के मुकाबले कई महीनों के उच्च स्तर पर पहुंच गया है, जिससे स्विट्जरलैंड के मशीनरी, विनिर्माण और लक्जरी घड़ी उद्योग का मुनाफा बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

1,300 से अधिक औद्योगिक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन 'स्विसमेम' ने बताया है कि मुद्रा विनिमय के नुकसान के कारण उसके एक तिहाई सदस्य घाटे में काम कर रहे हैं। उद्योग जगत ने केंद्रीय बैंक से मुद्रा को कमजोर करने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में सीधा हस्तक्षेप करने की अपील की है।

“मजबूत फ्रैंक हमारे निर्यातकों के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा कर रहा है। मूल्य स्थिरता हमारी प्राथमिकता है और हम जरूरत पड़ने पर विदेशी मुद्रा बाजार में सक्रिय रहने को तैयार हैं।”

थॉमस जॉर्डन की विदाई बैठक और नए नेतृत्व की जिम्मेदारी

यह बैठक एसएनबी के लिए ऐतिहासिक है, क्योंकि यह चेयरमैन थॉमस जॉर्डन की अध्यक्षता में होने वाली अंतिम नीतिगत बैठक होगी। जॉर्डन ने पिछले 12 वर्षों के दौरान नकारात्मक ब्याज दरों, 2015 के मुद्रा झटके और क्रेडिट सुइस के आपातकालीन विलय जैसी विकट परिस्थितियों में केंद्रीय बैंक का कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया।

1 अक्टूबर से वर्तमान उपाध्यक्ष मार्टिन श्लेगल नए अध्यक्ष के रूप में पदभार संभालेंगे। जानकारों का मानना है कि नए नेतृत्व में भी एसएनबी घरेलू मुद्रास्फीति को नियंत्रित रखने और वैश्विक अनिश्चितता के बीच फ्रैंक की मजबूती को संतुलित करने की व्यावहारिक नीति जारी रखेगा।

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