सऊदी अरब के विदेश मंत्री प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद ने शनिवार को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के 79वें सत्र (UNGA 79) की आम बहस में सऊदी अरब का आधिकारिक संबोधन देते हुए मध्य पूर्व में तत्काल तनाव कम करने, अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने और निर्णायक बहुपक्षीय कार्रवाई का आह्वान किया। शाह सलमान बिन अब्दुलअजीज और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की ओर से बोलते हुए प्रिंस फैसल ने आगाह किया कि लेबनान और गाजा में तेज होते सैन्य अभियानों के कारण पूरा क्षेत्र एक संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है।
संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में जुटे विश्व नेताओं को संबोधित करते हुए सऊदी विदेश मंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही के अभाव में गाजा का संघर्ष सीमाओं के पार फैल गया है, जिससे लेबनान की संप्रभुता और स्थिरता खतरे में पड़ गई है। उन्होंने सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने, तत्काल व स्थायी युद्धविराम लागू करने और नागरिकों तक निर्बाध मानवीय सहायता पहुंचाने की अपील की।
द्वि-राष्ट्र समाधान के कार्यान्वयन के लिए वैश्विक गठबंधन की शुरुआत
प्रिंस फैसल के संबोधन का प्रमुख केंद्र 'द्वि-राष्ट्र समाधान के कार्यान्वयन के लिए वैश्विक गठबंधन' (Global Alliance for the Implementation of the Two-State Solution) की शुरुआत रहा, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अरब-इस्लामी मंत्रिस्तरीय समिति ने नॉर्वे और यूरोपीय संघ की साझेदारी में लॉन्च किया है। यह पहल 4 जून 1967 की सीमाओं के आधार पर पूर्वी येरुशलम की राजधानी वाले एक स्वतंत्र फिलिस्तीनी राष्ट्र की स्थापना के लिए व्यावहारिक कदम निर्धारित करती है।
प्रिंस फैसल ने पिछले एक वर्ष में फिलिस्तीन राष्ट्र को औपचारिक मान्यता देने वाले संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों की बढ़ती संख्या का स्वागत किया और अन्य देशों से भी ऐसा करने का आग्रह किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि मध्य पूर्व में स्थायी सुरक्षा और आर्थिक एकीकरण के लिए फिलिस्तीनी नागरिकों का आत्मनिर्णय का अधिकार बुनियादी शर्त है।
“क्षेत्रीय सुरक्षा और समृद्धि सैन्य तनाव को बढ़ाकर हासिल नहीं की जा सकती; इसके लिए शत्रुता को तत्काल समाप्त करने और फिलिस्तीनी राष्ट्र के निर्माण की दिशा में एक विश्वसनीय व अपरिवर्तनीय मार्ग की आवश्यकता है।”
क्षेत्रीय स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और बहुपक्षीय सुधार
विदेश मंत्री ने जेद्दा मंच के माध्यम से सूडान में युद्धविराम वार्ता और मानवीय गलियारों को सुगम बनाने, यमन में संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व वाले शांति प्रयासों का समर्थन करने और लाल सागर तथा अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में नौवहन की स्वतंत्रता की रक्षा करने के प्रति सऊदी अरब की प्रतिबद्धता दोहराई।
अपने संबोधन के अंत में प्रिंस फैसल ने किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) के माध्यम से वैश्विक मानवीय सहायता और स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण में सऊदी अरब के योगदान को रेखांकित किया तथा अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने के लिए संयुक्त राष्ट्र संस्थानों में व्यापक सुधार की मांग की।




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