अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा के पार्कर सोलर प्रोब ने सूर्य की 21वीं सबसे नजदीकी परिक्रमा (पेरिहेलियन) सफलतापूर्वक पूरी कर ली है। इस दौरान यान ने 394,736 मील प्रति घंटे (लगभग 635,266 किलोमीटर प्रति घंटे) की अकल्पनीय गति हासिल की।

मैरीलैंड स्थित जॉन्स हॉपकिन्स एप्लाइड फिजिक्स लेबोरेटरी द्वारा संचालित यह ऐतिहासिक यान सूर्य की दृश्य सतह से मात्र 45.1 लाख मील (72.6 लाख किमी) की दूरी तक पहुंच गया, जहां का तापमान और विकिरण किसी भी अन्य मिशन से कहीं अधिक है।

सौर वातावरण के भयानक तापमान और तूफानों के बीच से उड़ान

इस तीव्र उड़ान के दौरान पार्कर की 4.5 इंच मोटी कार्बन-कंपोजिट हीट शील्ड ने 1,400 डिग्री सेल्सियस से अधिक के प्रचंड तापमान को झेला, जबकि उसके पीछे स्थित वैज्ञानिक उपकरण सामान्य 30 डिग्री सेल्सियस तापमान पर सुरक्षित रहे।

यान के चार प्रमुख वैज्ञानिक उपकरणों ने सौर कोरोना के चुंबकीय तूफानों, प्लाज्मा कणों और सौर हवा की उत्पत्ति के दुर्लभ और महत्वपूर्ण आंकड़े एकत्र किए हैं।

“पार्कर सोलर प्रोब हमारी उम्मीदों से कहीं आगे बढ़कर काम कर रहा है। सौर हवा के उद्गम स्थल से गुजरकर हम ऐसे रहस्यों से पर्दा उठा रहे हैं जो दशकों से अनसुलझे थे।”

शुक्र ग्रह की अंतिम सहायता और दिसंबर का ऐतिहासिक मिशन

मिशन नियंत्रण कक्ष ने पुष्टि की है कि यान सूर्य के उस पार से पूरी तरह सुरक्षित बाहर निकल आया है और उसने रेडियो सिग्नल भेजकर सभी प्रणालियों के सामान्य होने की सूचना दी है।

यह 21वीं उड़ान नवंबर 2024 में शुक्र ग्रह के अंतिम गुरुत्वाकर्षण सहयोग की पृष्ठभूमि तैयार करती है, जिसके बाद दिसंबर में यह यान 430,000 मील प्रति घंटे की रिकॉर्ड गति से सूर्य के और करीब (38 लाख मील) पहुंचेगा।

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