जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) और प्रमुख ठेकेदार मित्सुबिशी हेवी इंडस्ट्रीज (MHI) ने 22 सितंबर 2026 को कागोशिमा प्रान्त के तानेगाशिमा स्पेस सेंटर में योशिनोबू लॉन्च कॉम्प्लेक्स के पैड 2 पर H3 लॉन्च व्हीकल फ्लाइट 4 (H3 F4) का सफल रोलआउट पूरा किया। यह प्रक्रिया राष्ट्रीय सुरक्षा के एक अहम मिशन की अंतिम उलटी गिनती शुरू करती है।
रॉकेट के पेलोड फेयरिंग के भीतर जापान के रक्षा मंत्रालय का विशेष एक्स-बैंड संचार उपग्रह 'किरामेकी-3' (DSN-3) स्थापित है। भूस्थैतिक कक्षा में स्थापित होने के बाद, यह उपग्रह जापान के आत्मरक्षा बलों (JSDF) की थल, जल और वायु इकाइयों के बीच सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड और उच्च गति का संचार संपर्क सुनिश्चित करेगा।
किरामेकी-3 मिशन ने जापान के सैन्य संचार नेटवर्क को नई मजबूती दी
फ्लाइट 4 में रॉकेट के शक्तिशाली H3-24L विन्यास का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें दो LE-9 तरल हाइड्रोजन/ऑक्सीजन मुख्य इंजन, चार ठोस रॉकेट बूस्टर (SRB-3) और एक लंबा फेयरिंग शामिल है। 63 मीटर ऊंचा यह रॉकेट प्रक्षेपण के समय लगभग 5,700 किलोन्यूटन का थ्रस्ट उत्पन्न करता है।
वाहन संयोजन भवन (VAB) से लॉन्च पैड तक 500 मीटर की दूरी तय करने के बाद इंजीनियरों ने सभी प्रणालियों की विस्तृत जांच की। क्रायोजेनिक ईंधन भरने के पूर्वाभ्यास और विद्युत व एवियोनिक्स परीक्षणों में रॉकेट के सभी घटक सामान्य परिचालन मानकों के अनुरूप पाए गए।
“फ्लाइट 4 एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है जो H3 रॉकेट की परिचालन विश्वसनीयता को प्रदर्शित करता है और जापान के संप्रभु उपग्रह संचार तंत्र को मजबूत करता है।”
LE-9 क्रायोजेनिक इंजन और H3 रॉकेट तकनीक की परिपक्वता
यह जापान के अगली पीढ़ी के प्रमुख रॉकेट H3 का चौथा प्रक्षेपण है, जिसे पुराने H-IIA रॉकेट के विकल्प के रूप में विकसित किया गया है ताकि प्रक्षेपण लागत को 50% तक घटाया जा सके। फ्लाइट 2 और फ्लाइट 3 की लगातार सफलताओं के बाद, यह मिशन H3 की वाणिज्यिक परिचालन तत्परता को प्रमाणित करता है।
राष्ट्रीय सुरक्षा के अलावा, इस उपग्रह की सफल लॉन्चिंग अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उपग्रह बाजार में मित्सुबिशी की स्थिति को मजबूत करेगी। चंद्र अन्वेषण मिशनों और वैश्विक संचार उपग्रहों के अनुबंधों के साथ, जापान का अंतरिक्ष उद्योग अब विश्व स्तर पर नई प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता दिखा रहा है।




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