आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक नए युग की शुरुआत करते हुए ओपनएआई ने आईओएस और एंड्रॉइड पर अपने सशुल्क चैटजीपीटी प्लस और टीम ग्राहकों के लिए 'एडवांस्ड वॉयस मोड' (AVM) का व्यापक रोलआउट शुरू कर दिया है। यह नया फीचर कंपनी के सबसे आधुनिक मॉडल जीपीटी-4o की नेटिव ऑडियो प्रोसेसिंग तकनीक पर आधारित है।

पुराने वॉयस सहायकों के विपरीत—जो पहले आवाज को टेक्स्ट में बदलते थे, फिर जवाब सोचते थे और अंत में टेक्स्ट-टू-स्पीच से बोलते थे—एडवांस्ड वॉयस मोड ऑडियो को सीधे इनपुट से आउटपुट तक प्रोसेस करता है, जिससे बातचीत के बीच का अंतराल लगभग खत्म हो जाता है।

एंड-टू-एंड ऑडियो इंटेलिजेंस और एक सेकंड से भी कम का रिस्पॉन्स टाइम

यह नया आर्किटेक्चर प्रतिक्रिया समय को घटाकर न्यूनतम 232 मिलीसेकंड तक ले आता है, जबकि इसका औसत रिस्पॉन्स टाइम लगभग 320 मिलीसेकंड है। यह गति सामान्य मानवीय बातचीत के बिल्कुल बराबर है, जिससे उपयोगकर्ता बिना किसी रुकावट के एआई को बीच में टोक सकते हैं।

नए सिस्टम में विभिन्न क्षेत्रीय लहजों (एक्सेंट) को पहचानने की अद्भुत क्षमता है। चैटजीपीटी अब यूजर के मूड, फुसफुसाहट, उत्साह या संकोच को समझ सकता है और उसी भावनात्मक टोन में बातचीत को आगे बढ़ा सकता है।

“एडवांस्ड वॉयस मोड कंप्यूटर और इंसान के बीच बातचीत में एक युगांतरकारी बदलाव है। सीधे ऑडियो पर काम करने के कारण मॉडल वास्तविक समय में इंसानी भावनाओं और लहजे को समझ सकता है।”

सजीव भाव-भंगिमाएं, उच्चारण की पहचान और सुरक्षा उपाय

कंपनी ने इस अनुभव को बेहतर बनाने के लिए पेशेवर कलाकारों के साथ नौ नई सिंथेटिक आवाजें पेश की हैं, जिनमें आर्बर, ब्रीज, कोव, एम्बर, जुनिपर, मेपल, सोल, स्प्रूस और वेल शामिल हैं। सुरक्षा के लिहाज से किसी वास्तविक व्यक्ति की आवाज की नकल को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है।

हालांकि यूरोपीय संघ, स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन के उपयोगकर्ताओं को इसके लिए अभी इंतजार करना होगा। यूरोपीय एआई अधिनियम और जीडीपीआर गोपनीयता नियमों की कड़ी समीक्षा के चलते ओपनएआई ने इन क्षेत्रों में इसकी शुरुआत को अस्थायी रूप से टाल दिया है।

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