अमेरिकी मौसम एजेंसी नोआ (NOAA) ने आज मौसम पूर्वानुमान की सटीकता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए निजी उपग्रहों से प्राप्त डेटा को अपने सुपरकंप्यूटिंग नेटवर्क में शामिल करना शुरू कर दिया।

इसके तहत पृथ्वी की निचली कक्षा में चक्कर लगा रहे दर्जनों छोटे निजी उपग्रहों के जरिए प्रतिदिन 20,000 से अधिक वायुमंडलीय प्रोफाइल प्राप्त किए जाएंगे।

रेडियो ऑकल्टेशन तकनीक से तूफानों की सटीक ट्रैकिंग

यह तकनीक जीपीएस और गैलीलियो सिग्नलों के वायुमंडल से गुजरते समय मुड़ने की गति को मापकर तापमान, नमी और वायुदाब का सटीक आकलन करती है।

पारंपरिक उपग्रह कैमरों के विपरीत, यह रेडियो सिग्नल घने बादलों और तूफानों के बीच से भी गुजर सकते हैं, जिससे खुले महासागरों में मौसम का सटीक डेटा मिलता है।

“निजी उपग्रह डेटा से तूफानों की तीव्रता और दिशा का सटीक अनुमान लगाने में अभूतपूर्व मदद मिल रही है।”

अंतरिक्ष क्षेत्र में सार्वजनिक-निजी साझेदारी

स्पायर ग्लोबल और जियोऑप्टिक्स जैसी कंपनियों को दिए गए इन अनुबंधों से सरकारी उपग्रहों पर निर्भरता कम होगी और लागत में भारी बचत होगी।

वैज्ञानिकों का कहना है कि यह डेटा अटलांटिक महासागर में चक्रवाती गतिविधियों की चेतावनी जारी करने में अत्यधिक उपयोगी साबित होगा।

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