प्रतिष्ठित फूड स्टोरेज कंपनी टपरवेयर ब्रांड्स कॉर्पोरेशन ने आज डेलावेयर की अमेरिकी दिवालियापन अदालत में चैप्टर 11 के तहत संरक्षण की मांग की। 78 साल पुरानी इस कंपनी का घरेलू पार्टियों पर आधारित डायरेक्ट-सेलिंग मॉडल आधुनिक डिजिटल दौर में पिछड़ गया।

विलमिंगटन की अदालत में जमा दस्तावेजों के अनुसार, कंपनी पर 800 मिलियन डॉलर से अधिक का प्रत्यक्ष ऋण है, जबकि कुल देनदारियां 1 से 10 बिलियन डॉलर के बीच आंकी गई हैं।

एक ऐतिहासिक बिजनेस मॉडल का पतन

1946 में रसायनज्ञ अर्ल टपर द्वारा स्थापित कंपनी ने एयरटाइट प्लास्टिक कंटेनरों का पेटेंट कराकर क्रांति ला दी थी। लेकिन ई-कॉमर्स और ऑनलाइन खरीदारी के विस्तार के बावजूद कंपनी लंबे समय तक पुराने बिक्री मॉडल पर निर्भर रही।

सस्ते प्लास्टिक और कांच के विकल्पों के बढ़ते बाजार में टपरवेयर की पकड़ कमजोर होती गई, जिसके चलते कंपनी गंभीर नकदी संकट में फंस गई।

“चाहे आप हमारी बिक्री टीम के सदस्य हों या ग्राहक, टपरवेयर हमारे जीवन का हिस्सा रहा है। यह प्रक्रिया हमारे प्रतिष्ठित ब्रांड को संरक्षित करने के लिए आवश्यक है।”

अदालत की निगरानी में नए खरीदार की तलाश

सीईओ लॉरी एन गोल्डमैन ने पुष्टि की कि कंपनी परिचालन जारी रखते हुए एक नए खरीदार की तलाश करेगी ताकि ब्रांड का अस्तित्व बचाया जा सके।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निजी इक्विटी फंड या वैश्विक उपभोक्ता कंपनियां टपरवेयर के बौद्धिक संपदा अधिकारों को हासिल करने में रुचि दिखा सकती हैं।

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