अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा और स्पेसएक्स ने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (आईएसएस) के लिए क्रू-9 मानव अंतरिक्ष उड़ान मिशन को अंतिम मंजूरी दे दी है। चक्रवाती तूफान हेलीन के गुजरने के बाद केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन पर की गई व्यापक इंजीनियरिंग जांच में पाया गया कि लॉन्च पैड और रॉकेट हार्डवेयर को कोई नुकसान नहीं हुआ है। शुक्रवार सुबह फॉल्कन-9 रॉकेट और ड्रैगन फ्रीडम कैप्सूल को दोबारा स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 40 (एसएलसी-40) पर ले जाया गया।

श्रेणी-4 का यह विनाशकारी तूफान गुरुवार देर रात फ्लोरिडा के तट से टकराया था, जिससे उत्तरी क्षेत्रों में भारी तबाही हुई। हालांकि केप कैनावेरल और कैनेडी स्पेस सेंटर वाले स्पेस कोस्ट क्षेत्र में केवल तेज हवाएं और हल्की बारिश दर्ज की गई, जिससे महत्वपूर्ण एयरोस्पेस बुनियादी ढांचा पूरी तरह सुरक्षित रहा।

तूफान से फ्लोरिडा का स्पेस कोस्ट सुरक्षित, रॉकेट को कोई नुकसान नहीं

क्रू-9 मिशन एसएलसी-40 पैड से रवाना होने वाली पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान होने के कारण ऐतिहासिक महत्व रखता है। स्पेसएक्स ने पिछले दो वर्षों में इस पूर्व उपग्रह लॉन्च पैड को अपग्रेड किया था, जिसमें आपातकालीन निकास प्रणाली और अंतरिक्ष यात्रियों के प्रवेश के लिए विशेष क्रू आर्म लगाई गई थी।

इस मिशन में नासा के अंतरिक्ष यात्री निक हेग कमांडर के रूप में और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस के अंतरिक्ष यात्री अलेक्सांद्र गोर्बुनोव मिशन विशेषज्ञ के रूप में सवार हैं। नासा द्वारा बोइंग के स्टारलाइनर को खाली वापस बुलाने के फैसले के बाद इस मिशन में दो सीटें खाली रखी गई हैं, ताकि अंतरिक्ष में फंसे अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर फरवरी 2025 में इसके जरिए पृथ्वी पर लौट सकें।

“Launch infrastructure and spacecraft hardware weathered Hurricane Helene with zero damage. Our teams have completed pad re-evaluations and we are go for a historic liftoff from SLC-40.”

लॉन्च कॉम्प्लेक्स 40 से पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान का ऐतिहासिक कीर्तिमान

रॉकेट को पैड पर खड़ा करने के बाद तकनीकी टीमों ने स्टैटिक फायर परीक्षण और ह्यूस्टन स्थित जॉनसन स्पेस सेंटर के साथ टेलीमेट्री संचार का पूर्वाभ्यास सफलतापूर्वक पूरा कर लिया। अमेरिकी स्पेस फोर्स के मौसम विभाग ने प्रक्षेपण के समय मौसम के 70 प्रतिशत अनुकूल रहने की संभावना जताई है।

कक्षा में पहुंचने के बाद अंतरिक्ष यात्री 28 घंटे की यात्रा तय कर आईएसएस के हार्मनी मॉड्यूल से जुड़ेंगे। अपने पांच महीने के प्रवास के दौरान यह दल अंतरिक्ष जीव विज्ञान, सामग्री विज्ञान और मानव शरीर विज्ञान से जुड़े 200 से अधिक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रयोगों को अंजाम देगा, जो भविष्य के आर्टेमिस चंद्र मिशनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होंगे।

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