यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के मार्स एक्सप्रेस अंतरिक्ष यान ने सौरमंडल के सबसे विशाल ज्वालामुखी ओलंपस मॉन्स की आश्चर्यजनक हाई-रिजॉल्यूशन रंगीन स्टीरियो मोज़ेक तस्वीरें पृथ्वी पर भेजी हैं। नई तस्वीरों के विस्तृत विश्लेषण से वैज्ञानिकों को यह समझने में अभूतपूर्व मदद मिल रही है कि अरबों वर्ष पहले विशाल लावा प्रवाह ने मंगल ग्रह की सतह को किस तरह आकार दिया था।
जर्मन एयरोस्पेस सेंटर (DLR) द्वारा संचालित हाई रिजॉल्यूशन स्टीरियो कैमरा (HRSC) द्वारा ली गई इन तस्वीरों में ज्वालामुखी के निचले ढलानों और उसके चारों ओर के क्षेत्र का स्पष्ट दृश्य मिलता है। आंकड़ों में ढह चुके प्राचीन लावा ट्यूबों का जटिल नेटवर्क, जमे हुए बेसाल्टिक चैनल और गुरुत्वाकर्षण के कारण हुए विशाल भूस्खलन के मलबे के स्पष्ट निशान दिखाई देते हैं।
सौरमंडल के सबसे बड़े ज्वालामुखी का भूगर्भीय रहस्य
ओलंपस मॉन्स आसपास के मैदानी इलाकों से लगभग 21 किलोमीटर ऊंचा है और इसका आधार 600 किलोमीटर चौड़ा है, जो पूरे फ्रांस देश के क्षेत्रफल के बराबर है। वैज्ञानिक इन 3D मॉडलों का अध्ययन करके यह पता लगा रहे हैं कि कैसे लगातार लावा के दबाव से ज्वालामुखी के किनारे ढह गए थे।
स्टीरियो इमेजरी में घुमावदार चैनल भी दिखाई देते हैं, जो भूमिगत लावा नलिकाओं की छतें ढहने से बने थे। खगोल जीवविज्ञानियों के लिए ये गुफाएं अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं क्योंकि ये भविष्य के मानव अंतरिक्ष यात्रियों को हानिकारक विकिरण से प्राकृतिक सुरक्षा प्रदान कर सकती हैं।
“These extraordinary high-resolution observations reveal the violent geological history of Mars, offering unprecedented details about how massive volcanic flows shaped the Martian crust billions of years ago.”
दो दशकों की निरंतर खोज और भविष्य के मंगल अभियानों की तैयारी
दिसंबर 2003 से मंगल ग्रह की कक्षा में परिक्रमा कर रहा मार्स एक्सप्रेस अपने मूल दो साल के मिशन जीवनकाल से कहीं अधिक समय से सफलतापूर्वक काम कर रहा है। इसके कैमरों ने मंगल ग्रह की लगभग पूरी सतह का 3D मानचित्र तैयार किया है।
ओलंपस मॉन्स के नए आंकड़ों को वैश्विक डिजिटल मानचित्रों में शामिल किया जाएगा, जिससे भविष्य के रोबोटिक सैंपल-रिटर्न मिशनों के लिए सुरक्षित लैंडिंग स्थलों का चयन करने में मदद मिलेगी। यह मिशन यूरोपीय अंतरिक्ष विज्ञान की एक बड़ी उपलब्धि है।




Comments (0)
Log in to join the discussion.