जापान में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन उद्योग ने 22 सितंबर 2026 को एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। जापान पर्यटन एजेंसी (JTA) और जापान राष्ट्रीय पर्यटन संगठन (JNTO) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले महीने रिकॉर्ड 29,33,000 विदेशी पर्यटकों ने देश का दौरा किया। यह आंकड़ा महामारी-पूर्व के समकक्ष स्तर की तुलना में 21% की प्रभावशाली वृद्धि दर्शाता है।

कमजोर येन के कारण अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए जापान की यात्रा बेहद किफायती हो गई है, जबकि उत्तरी अमेरिका, यूरोप और एशिया के प्रमुख शहरों से सीधी उड़ानों में भारी बढ़ोतरी हुई है। पूरे कैलेंडर वर्ष के लिए विदेशी पर्यटकों द्वारा किया जाने वाला कुल खर्च 8.2 ट्रिलियन येन ($56 अरब) के पार जाने का अनुमान है, जिससे पर्यटन क्षेत्र ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर की तरह जापान का प्रमुख विदेशी मुद्रा अर्जक बन गया है।

रिकॉर्ड विदेशी पर्यटक और 8 ट्रिलियन येन के खर्च का ऐतिहासिक अनुमान

हालांकि, पर्यटकों की भारी आमद ने प्रमुख सांस्कृतिक शहरों में 'ओवरटूरिज्म' (पर्यटकों की अत्यधिक भीड़) पर व्यापक बहस छेड़ दी है। टोक्यो, माउंट फ़ूजी, क्योटो और ओसाका को जोड़ने वाले पारंपरिक 'गोल्डन रूट' पर स्थानीय बसों, मेट्रो और ऐतिहासिक मंदिरों में भारी भीड़ देखी जा रही है, जिससे स्थानीय निवासियों को असुविधा हो रही है।

इस समस्या के समाधान के लिए JTA आयुक्त इचिरो ताकाहाशी ने बहु-अरब येन के प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा की। इस पहल का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को टोक्यो और क्योटो से हटाकर जापान के कम आबादी वाले और प्राकृतिक रूप से समृद्ध प्रांतों की ओर आकर्षित करना है। इसके तहत क्षेत्रीय रेल पास, घरेलू उड़ानों पर भारी छूट और स्थानीय हस्तशिल्प केंद्रों में विशेष रियायतें दी जाएंगी।

“हमारा उद्देश्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि पर्यटन से मिलने वाला आर्थिक लाभ ग्रामीण समुदायों तक पहुंचे और स्थानीय लोगों का जीवन सुगम रहे।”

क्योटो-टोक्यो 'गोल्डन रूट' पर दबाव घटाने के लिए रीजनल डिस्कवरी वाउचर

यह योजना विशेष रूप से उत्तरी तोहोकू, सैन'इन तटीय क्षेत्र, शिकोकू द्वीप और ग्रामीण क्यूशू को बढ़ावा दे रही है। ये क्षेत्र अपनी समृद्ध पाक परंपराओं, ऐतिहासिक गर्म पानी के झरनों (ऑनसेन) और शांत प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाने जाते हैं, जो बार-बार जापान आने वाले उच्च खर्च करने वाले पर्यटकों को लुभाते हैं।

इसके अलावा, सरकार भीड़भाड़ वाले ऐतिहासिक स्थलों पर व्यस्त समय के दौरान विशेष प्रवेश शुल्क लगाने और दोहरी मूल्य निर्धारण प्रणाली लागू करने में स्थानीय नगर पालिकाओं की मदद कर रही है। आधुनिक डेटा विश्लेषण और आक्रामक प्रचार के माध्यम से, जापान इस पर्यटन उछाल को अपनी ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं के पुनरुद्धार का जरिया बना रहा है।

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