अंतरराष्ट्रीय नवीकरणीय ऊर्जा एजेंसी (IRENA) ने अपनी वार्षिक 'नवीकरणीय बिजली उत्पादन लागत' रिपोर्ट जारी की है, जिसमें वैश्विक ऊर्जा बाजार में आए ऐतिहासिक आर्थिक बदलाव की पुष्टि की गई है। अध्ययन के अनुसार, वर्ष 2023-2024 में दुनिया भर में स्थापित की गई 81 प्रतिशत नई यूटिलिटी-स्केल सौर फोटोवोल्टिक और पवन ऊर्जा परियोजनाओं ने किसी भी प्रतिस्पर्धी जीवाश्म ईंधन की तुलना में बेहद सस्ती बिजली का उत्पादन किया।
दुनिया भर के 20,000 से अधिक वाणिज्यिक ऊर्जा संयंत्रों के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए रिपोर्ट में बताया गया है कि सौर पीवी बिजली उत्पादन की औसत लागत (LCOE) में पिछले वर्ष की तुलना में 12 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं तटवर्ती पवन ऊर्जा की लागत में औसतन 3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे ये दोनों प्रौद्योगिकियां दुनिया में सबसे किफायती विकल्प बन गई हैं।
स्वच्छ बिजली की अभूतपूर्व आर्थिक और तकनीकी प्रतिस्पर्धात्मकता
इस तकनीकी सफलता का आर्थिक प्रभाव अत्यधिक प्रभावशाली रहा है। इरेना का अनुमान है कि वर्ष 2000 के बाद से स्थापित सभी नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्रों के कारण वैश्विक विद्युत क्षेत्र को केवल 2023 में ही ईंधन खरीद पर 409 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की बचत हुई है। इससे विकासशील देशों को महंगे कोयले और गैस के आयात से बड़ी राहत मिली है।
बीते दो वर्षों में ब्याज दरों में वृद्धि और आपूर्ति श्रृंखला की बाधाओं के बावजूद, बड़े पैमाने पर उत्पादन और तकनीकी सुधारों के कारण सौर मॉड्यूल की कीमतें ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। इसके चलते पारंपरिक ताप विद्युत गृहों और गैस आधारित संयंत्रों की तुलना में नवीकरणीय ऊर्जा की प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त और अधिक मजबूत हो गई है।
“Renewables remain cost-competitive despite supply chain challenges. Today, solar and onshore wind represent the lowest-cost power generation options on Earth.”
ग्रिड आधुनिकीकरण की चुनौतियां और 2030 का वैश्विक लक्ष्य
हालांकि रिपोर्ट में सचेत किया गया है कि केवल उत्पादन लागत में कमी आना ही पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं होगा। कॉप28 में 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना बढ़ाकर 11.2 टेरावाट करने के लिए उच्च-क्षमता वाली ट्रांसमिशन लाइनों और बड़े बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में भारी निवेश की तत्काल आवश्यकता है।
इरेना ने अंतरराष्ट्रीय विकास बैंकों और राष्ट्रीय नीति निर्माताओं से पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रियाओं को सरल बनाने और विकासशील देशों में निजी निवेश के जोखिम को कम करने की अपील की है। स्वच्छ ऊर्जा द्वारा व्यावसायिक स्तर पर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करने के बाद, अब ग्रिड के आधुनिकीकरण की गति ही वैश्विक ऊर्जा संक्रमण का भविष्य तय करेगी।




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