ब्राजील के संघीय सुप्रीम कोर्ट (एसटीएफ) के न्यायमूर्ति फ्लेवियो डिनो ने देश के प्रमुख प्राकृतिक क्षेत्रों में लगी विनाशकारी आग से निपटने के लिए एक ऐतिहासिक आदेश जारी किया है। अदालत ने संघीय सरकार को आदेश दिया है कि वह अमेज़न वर्षावन और पैंटानल आर्द्रभूमि में सशस्त्र बलों, विशेष अग्निशमन दस्तों और आपातकालीन वित्तीय संसाधनों को तत्काल तैनात करे।

ब्राजील वर्तमान में जलवायु परिवर्तन के कारण अब तक के सबसे भीषण सूखे का सामना कर रहा है। अवैध भूमि कब्जाधारियों और लकड़ी माफियाओं ने इस स्थिति का फायदा उठाते हुए संरक्षित जंगलों में जानबूझकर आग लगाई है, जिससे ब्रासीलिया और साओ पाउलो जैसे महानगरों में वायु प्रदूषण गंभीर स्तर पर पहुंच गया है।

अभूतपूर्व पर्यावरणीय संकट पर न्यायपालिका का कड़ा रुख

अदालत के निर्देशानुसार, रक्षा मंत्रालय, न्याय मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय संयुक्त रूप से पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (IBAMA) और चिको मेंडेस संस्थान (ICMBio) के दस्तों को सभी आवश्यक अधिकार प्रदान करेंगे। न्यायमूर्ति डिनो ने कहा कि प्रशासनिक सुस्ती के कारण इस प्राकृतिक धरोहर को नष्ट नहीं होने दिया जा सकता।

इस न्यायिक आदेश के तहत संघीय सरकार को राजकोषीय खर्च की नियमित सीमाओं से बाहर जाकर असाधारण बजट जारी करने की अनुमति दी गई है, जिससे अग्निशामक विमान, जल वाहन और दूरदराज के आदिवासी क्षेत्रों में राहत सामग्री तत्काल पहुंचाई जा सके।

“अवैध रूप से आग लगाने से होने वाले पर्यावरणीय विनाश को प्रशासनिक उदासीनता के साथ नहीं छोड़ा जा सकता। इन अनमोल बायोम की रक्षा के लिए सरकार को पूर्ण अधिकार का प्रयोग करना होगा।”

सशस्त्र बलों का समन्वय और आपातकालीन वित्तीय प्रावधान

सुप्रीम कोर्ट ने संघीय पुलिस को दक्षिण पारा और माटो ग्रोसो में एक साथ आग लगाने वाले आपराधिक गिरोहों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है, जहां उपग्रहों ने बड़े पैमाने पर आगजनी दर्ज की थी।

पर्यावरण संगठनों ने शीर्ष अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि इससे आग बुझाने वाले जमीनी रेंजरों को जरूरी कानूनी और सुरक्षा कवच मिलेगा।

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