जर्मन संघीय सरकार ने वर्ष 2024 के लिए अपने व्यापक आर्थिक विकास अनुमान को आधिकारिक तौर पर घटा दिया है। सरकार का अनुमान है कि इस वर्ष देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 0.2 प्रतिशत की गिरावट आएगी। बर्लिन में अर्थव्यवस्था मंत्री रॉबर्ट हेबेक द्वारा पेश की गई इस रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था लगातार दूसरे वर्ष मंदी का सामना कर रही है।
यह नया अनुमान वसंत ऋतु में लगाए गए अनुमान से बिल्कुल उलट है, जब सरकार ने 0.3 प्रतिशत की मामूली वृद्धि की उम्मीद जताई थी। ऊर्जा की ऊंची कीमतों, प्रमुख वैश्विक बाजारों में घटती मांग और चीन जैसे बड़े साझेदारों से कमजोर निर्यात ने मिलकर जर्मन विनिर्माण क्षेत्र की कमर तोड़ दी है।
पतझड़ अनुमानों में गहराते औद्योगिक संकट की पुष्टि
यूक्रेन युद्ध के बाद रूसी गैस आपूर्ति रुकने से लगे झटके से जर्मनी का औद्योगिक ढांचा अभी तक पूरी तरह उबर नहीं पाया है। हालांकि गंभीर ऊर्जा संकट को टाल दिया गया था, लेकिन बिजली की ऊंची दरों के कारण रसायन, इस्पात और वाहन निर्माण जैसे भारी उद्योगों के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में टिके रहना मुश्किल हो गया है।
यूरोपीय सेंट्रल बैंक की ऊंची ब्याज दरों और वैश्विक अनिश्चितता ने घरेलू निवेश और उपभोक्ता खर्च पर भी नकारात्मक असर डाला है। महंगाई में कमी के बावजूद जर्मन उपभोक्ता खर्च करने के बजाय बचत पर ध्यान दे रहे हैं, जिससे खुदरा बिक्री और कॉर्पोरेट निवेश दोनों में सुस्ती छाई रही।
“जर्मन अर्थव्यवस्था 2018 से ही ठहराव की शिकार रही है। हम वैश्विक चुनौतियों के साथ-साथ गंभीर संरचनात्मक बाधाओं का सामना कर रहे हैं, जिसके लिए निर्णायक आधुनिकीकरण की आवश्यकता है।” — रॉबर्ट हेबेक, संघीय आर्थिक मामलों और जलवायु कार्रवाई मंत्री
संरचनात्मक चुनौतियां और आर्थिक सुधार के सरकारी प्रयास
अर्थव्यवस्था को इस भंवर से बाहर निकालने के लिए मंत्री हेबेक ने संसद से सरकार की 49 सूत्री 'ग्रोथ इनिशिएटिव' योजना को शीघ्र पारित करने की अपील की। इस पैकेज में कॉर्पोरेट करों में छूट, नौकरशाही में कमी और कुशल विदेशी श्रमिकों को आकर्षित करने के कई प्रोत्साहन शामिल हैं।
वर्ष 2025 के लिए मंत्रालय ने 1.1 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान लगाया है, जो वास्तविक मजदूरी में सुधार और कम ब्याज दरों पर आधारित है। हालांकि अर्थशास्त्रियों का मानना है कि श्रम बाजार और बुनियादी ढांचे में गहरे सुधार किए बिना दीर्घकालिक विकास हासिल करना मुश्किल होगा।
Frequently Asked Questions
जर्मनी ने 2024 के अपने जीडीपी अनुमान में कटौती क्यों की?
ऊर्जा की अत्यधिक लागत, कमजोर वैश्विक मांग, उपभोक्ता सुस्ती और संरचनात्मक समस्याओं के कारण अनुमान को -0.2% किया गया।
जर्मनी ने पिछली बार लगातार दो साल मंदी का सामना कब किया था?
जर्मनी ने इससे पहले 2002 और 2003 में लगातार दो वर्षों तक आर्थिक संकुचन का सामना किया था।





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