अमेरिकी न्याय विभाग और फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) ने बुधवार को बोस्टन की संघीय अदालत में एक ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए क्रिप्टोकरेंसी बाजार में बड़े पैमाने पर हेरफेर और धोखाधड़ी के आरोप में 18 व्यक्तियों और चार वित्तीय संस्थाओं के खिलाफ आपराधिक आरोप पत्र जारी किए।

यह अभूतपूर्व कार्रवाई 'ऑपरेशन टोकन मिरर्स' नामक एक गुप्त स्टिंग ऑपरेशन का परिणाम थी, जिसमें एफबीआई के एजेंटों ने भ्रष्ट मार्केट मेकर्स को रंगे हाथों पकड़ने के लिए एथेरियम ब्लॉकचेन पर 'नेक्सफंडएआई' नाम का अपना डिजिटल टोकन बनाया था।

एफबीआई ने खुद का टोकन बनाकर पकड़ा फर्जी ट्रेडिंग का खेल

अदालती दस्तावेजों के अनुसार, गॉटबिट, सीएलएस ग्लोबल और जेडएम क्वांट जैसी प्रमुख मार्केट-मेकिंग फर्मों ने एफबीआई एजेंटों के साथ नेक्सफंडएआई टोकन की ट्रेडिंग मात्रा में हेरफेर करने पर सहमति व्यक्त की और दावा किया कि वे बॉट्स के जरिए कृत्रिम मांग पैदा कर सकते हैं।

अभियोजकों का आरोप है कि आरोपियों ने 60 से अधिक क्रिप्टोकरेंसी में व्यापक 'वाश ट्रेडिंग' की, जिसमें वे खुद ही टोकन खरीदते और बेचते थे ताकि खुदरा निवेशकों को आकर्षित करके कीमतों को कृत्रिम रूप से बढ़ाया जा सके।

“This historic operation targeted deceptive schemes where market makers claimed to provide liquidity while secretly running automated trading bots to artificially pump prices.” — Joshua S. Levy, Acting U.S. Attorney for the District of Massachusetts

ऑटोमेटेड बॉट्स का भंडाफोड़ और 2.5 करोड़ डॉलर की जब्ती

अमेरिकी संघीय अधिकारियों ने पुर्तगाल, ब्रिटेन और अमेरिका में समन्वित गिरफ्तारियां कीं और 2.5 करोड़ डॉलर से अधिक की अवैध क्रिप्टोकरेंसी जब्त करते हुए अरबों डॉलर के फर्जी लेनदेन करने वाले स्वचालित ट्रेडिंग बॉट्स को निष्क्रिय कर दिया।

अमेरिकी प्रतिभूति और विनिमय आयोग (एसईसी) ने भी आरोपियों के खिलाफ नागरिक धोखाधड़ी के मुकदमे दायर किए हैं, जिससे क्रिप्टो उद्योग में खुदरा निवेशकों को पारदर्शी और सुरक्षित माहौल मिलने की उम्मीद जगी है।

Frequently Asked Questions

एफबीआई का ऑपरेशन टोकन मिरर्स क्या था?

यह एक गुप्त स्टिंग ऑपरेशन था जिसमें एफबीआई ने नेक्सफंडएआई नामक टोकन बनाकर फर्जी ट्रेडिंग करने वाले मार्केट मेकर्स को रंगे हाथों पकड़ा।

धोखाधड़ी मामले में किन प्रमुख क्रिप्टो कंपनियों पर आरोप लगाए गए?

अभियोजकों ने गॉटबिट, सीएलएस ग्लोबल, जेडएम क्वांट और मायक्वाइनऑर्गनाइजर से जुड़े 18 अधिकारियों और कंपनियों पर आरोप लगाए हैं।

Sources