अमेरिकी न्याय विभाग ने मंगलवार रात वाशिंगटन की संघीय अदालत में एक ऐतिहासिक दस्तावेज दायर किया, जिसमें स्पष्ट संकेत दिया गया कि अभियोजक सर्च बाजार में प्रतिस्पर्धा बहाल करने के लिए गूगल से उसके क्रोम ब्राउज़र और एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम को अलग कराने जैसे संरचनात्मक उपायों की मांग कर सकते हैं।
यह 32 पन्नों का दस्तावेज अमेरिकी जिला न्यायाधीश अमित मेहता के अगस्त के ऐतिहासिक फैसले के बाद आया है, जिसमें अदालत ने पाया था कि गूगल ने स्मार्टफोन और वेब ब्राउज़र पर डिफॉल्ट सर्च इंजन बने रहने के लिए अरबों डॉलर खर्च करके अवैध एकाधिकार कायम किया था।
प्रमुख वितरण चैनलों को अलग करने के संरचनात्मक उपाय
सरकारी वकीलों ने चार प्रमुख श्रेणियों में उपाय सुझाए हैं: क्रोम और एंड्रॉइड का उपयोग अपने सर्च इंजन को अनुचित लाभ पहुंचाने से रोकना, एप्पल जैसे निर्माताओं के साथ विशेष समझौतों को समाप्त करना, प्रतिस्पर्धियों के साथ डेटा साझा करना और कृत्रिम बुद्धिमत्ता बाजार में गूगल के वर्चस्व को सीमित करना।
न्याय विभाग ने तर्क दिया कि केवल संविदात्मक प्रतिबंध लगाना पर्याप्त नहीं होगा, क्योंकि गूगल का वितरण चैनलों पर दशकों पुराना नियंत्रण अन्य प्रतिस्पर्धी कंपनियों को बाजार में टिकने का कोई वास्तविक अवसर नहीं देता है।
“For more than a decade, Google has controlled the most popular distribution channels, largely leaving rivals with little-to-no ability to compete. Fully remedying these harms requires preventing Google from using products such as Chrome, Play, and Android to advantage Google search.” — U.S. Department of Justice Antitrust Division Filing
डिफॉल्ट सर्च अनुबंधों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर अंकुश
गूगल ने सरकार के इन प्रस्तावों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि क्रोम या एंड्रॉइड को अलग करने की मांग अत्यधिक कठोर है और इससे उत्पादों की सुरक्षा कमजोर होगी तथा नवाचार को गंभीर झटका लगेगा।
न्यायाधीश मेहता ने न्याय विभाग को 20 नवंबर तक अपना अंतिम विस्तृत प्रस्ताव दाखिल करने का निर्देश दिया है, जबकि गूगल दिसंबर में अपना जवाब देगा। इस मामले में औपचारिक सुनवाई 2025 के मध्य में होगी।
Frequently Asked Questions
अमेरिकी न्याय विभाग गूगल को विभाजित करने पर विचार क्यों कर रहा है?
न्यायालय द्वारा गूगल के सर्च एकाधिकार को अवैध ठहराए जाने के बाद, बाजार में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा बहाल करने के लिए क्रोम और एंड्रॉइड को अलग करने का प्रस्ताव दिया गया है।
गूगल एकाधिकार मामले में अगला कदम क्या होगा?
न्याय विभाग नवंबर में विस्तृत सुधारात्मक दस्तावेज पेश करेगा, जिसके बाद 2025 में अदालती सुनवाई के जरिए अंतिम फैसला तय होगा।





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