फ्रांस की राष्ट्रीय रेलवे संचालक एसएनसीएफ वोयाजर्स और ट्रेन निर्माता कंपनी एल्सटॉम ने देश की पहली डुअल-मोड हाइड्रोजन-इलेक्ट्रिक क्षेत्रीय यात्री ट्रेन का डायनेमिक ट्रैक परीक्षण आधिकारिक तौर पर शुरू कर दिया है। यह पहल फ्रांस के विस्तृत गैर-विद्युतीकृत क्षेत्रीय रेल मार्गों से डीजल इंजनों को पूरी तरह हटाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।

पूर्वी फ्रांस के बार-ले-डक रेलवे परीक्षण केंद्र और ग्रैंड एस्ट क्षेत्र के सक्रिय रेलवे ट्रैक्स पर आयोजित इस ट्रायल में ट्रेन के ब्रेकिंग प्रदर्शन, ऊर्जा प्रबंधन और 160 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पर हाइड्रोजन और बिजली के बीच सुचारू बदलाव का कड़ाई से परीक्षण किया जा रहा है।

फ्रांसीसी रेलवे पर डुअल-मोड हाइड्रोजन तकनीक की शुरुआत

एल्सटॉम के कोराडिया पॉलीवैलेंट प्लेटफॉर्म पर विकसित इस चार कोच वाली ट्रेन में हाइब्रिड तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। विद्युतीकृत लाइनों पर यह ओवरहेड तारों से बिजली लेती है, जबकि गैर-विद्युतीकृत लाइनों पर इसकी छत पर लगे फ्यूल सेल हाइड्रोजन को बिजली में बदलकर ट्रेन को दौड़ाते हैं, जिससे धुएं के बजाय केवल जलवाष्प निकलता है।

ट्रेन की छत पर 350 बार के दबाव वाले हाइड्रोजन टैंक लगाए गए हैं, जबकि फर्श के नीचे लिथियम-आयन बैटरी पैक दिए गए हैं। ये बैटरियां ट्रेन के त्वरित गति पकड़ने में अतिरिक्त शक्ति देती हैं और ब्रेक लगाने पर बनने वाली ऊर्जा को रीसायकल करती हैं।

“यह ट्रैक परीक्षण फ्रांसीसी गतिशीलता के लिए एक व्यावहारिक क्रांति है, जो साबित करता है कि महंगे विद्युतीकरण के बिना भी द्वितीयक लाइनों से डीजल को हटाया जा सकता है।”

चार पायलट क्षेत्रों में क्षेत्रीय परिवहन का डीकार्बोनाइजेशन

फ्रांस के चार प्रमुख प्रांतों—ओवेर्न-रोन-आल्प्स, बरगंडी-फ्रांश-कोम्टे, ग्रैंड एस्ट और ओसीतानी—ने 19 करोड़ यूरो के सरकारी कार्यक्रम के तहत ऐसी 12 ट्रेनों का ऑर्डर दिया है। इन ट्रेनों का वाणिज्यिक यात्री परिचालन 2025 के अंत में शुरू होकर 2026 तक पूरी तरह लागू होगा।

क्षेत्रीय परिवहन मंत्रियों और पर्यावरण संगठनों ने इस परीक्षण का स्वागत किया है। हाइड्रोजन की सुविधा और आधुनिक यात्री आराम को जोड़कर, एसएनसीएफ और एल्सटॉम पूरे यूरोप में जलवायु-तटस्थ रेलवे प्रणाली की ठोस नींव रख रहे हैं।

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