विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) और इंटरनेशनल कोऑर्डिनेटिंग ग्रुप (आईसीजी) ने एक गंभीर वैश्विक चेतावनी जारी करते हुए खुलासा किया है कि ओरल हैजा टीकों (ओसीवी) का अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन भंडार घटकर शून्य हो गया है। 24 देशों में इस जलजनित बीमारी के घातक प्रकोप के बीच टीकों की यह अभूतपूर्व कमी लाखों लोगों के जीवन को खतरे में डाल रही है।

पिछले एक वर्ष में ओरल हैजा टीकों की वैश्विक मांग दुनिया के कुल उत्पादन से दोगुनी से भी अधिक हो गई है। युद्धग्रस्त सूडान, बाढ़ से तबाह इथियोपिया और हिंसा से घिरे हैती जैसे गंभीर मानवीय संकट वाले क्षेत्रों में संक्रमण के मामलों में भारी उछाल आया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय भंडार तेजी से खत्म हो गया।

24 देशों में फैलते संक्रमण के बीच खाली हुआ वैश्विक भंडार

हैजा एक बेहद संक्रामक बीमारी है जो दूषित भोजन या पानी के जरिए फैलती है और यदि समय पर इलाज न मिले तो कुछ ही घंटों में मरीज की जान ले सकती है। हालांकि स्वच्छ पेयजल और स्वच्छता ही इसका स्थायी समाधान है, लेकिन शरणार्थी शिविरों में मौतों को रोकने के लिए ओरल वैक्सीन सबसे प्रभावी हथियार है।

टीकों की भीषण कमी के चलते स्वास्थ्य एजेंसियों को मानक दो-खुराक वाली प्रणाली को बदलकर केवल एक खुराक देने पर मजबूर होना पड़ा है। एकल खुराक से तात्कालिक सुरक्षा तो मिल जाती है, लेकिन इसका असर लंबे समय तक नहीं रहता, जिससे बीमारी के दोबारा लौटने का खतरा बना रहता है।

“वैश्विक हैजा टीका भंडार पूरी तरह समाप्त हो चुका है। युद्ध, बाढ़ और सूखे के कारण मांग अभूतपूर्व रूप से बढ़ गई है, जिससे लाखों लोग रोकी जा सकने वाली मौत के प्रति संवेदनशील हो गए हैं।” — डॉ. फिलिप बारबोसा, डब्ल्यूएचओ हैजा टीम प्रमुख

जलवायु संकट, संघर्ष और टीकों की एकल खुराक की मजबूरी

गावी और यूनिसेफ के साथ मिलकर स्वास्थ्य एजेंसियां वैश्विक दवा निर्माताओं से उत्पादन बढ़ाने और विनिर्माण प्रक्रिया को सरल बनाने की अपील कर रही हैं। हालांकि, नई उत्पादन इकाइयों के अगले साल से पहले चालू होने की संभावना नहीं है, जिससे वर्तमान संकट और गहरा गया है।

डब्ल्यूएचओ ने अंतरराष्ट्रीय दाता देशों से अपील की है कि वे प्रभावित क्षेत्रों में पानी और स्वच्छता (वाश) बुनियादी ढांचे के लिए आपातकालीन धन जारी करें। अधिकारियों ने आगाह किया कि बुनियादी सुविधाओं के बिना टीकों की कमी से शरणार्थी बस्तियों में भारी जनहानि हो सकती है।

Frequently Asked Questions

वैश्विक आपातकालीन हैजा वैक्सीन का भंडार क्यों समाप्त हुआ?

24 देशों में युद्ध, बाढ़ और सूखे के कारण हैजा के मामलों में भारी उछाल आया, जिससे मांग उत्पादन क्षमता से कहीं अधिक बढ़ गई।

वैक्सीन की कमी से निपटने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

स्वास्थ्य एजेंसियों ने दो खुराक के बजाय एक खुराक देने की नीति अपनाई है ताकि अधिक से अधिक लोगों को तत्काल सुरक्षा दी जा सके।

Sources